नगर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। महीनों से यह सिलसिला जारी है। ऐसा ही सोमवार की रात से देखने को मिला। रात में महज तीन घंटे ही बिजली की आपूर्ति हुई। मंगलवार को सुबह आठ बजते ही बिजली गुल हो गई। पूरे दिन आपूर्ति ठप रही। उपभोक्ताओं के पूछे जाने पर पता चला कि पूरे शहर में बिजली के तार और पोल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसी कारण बिजली काटी गई है। इस दौरान नगर से जुड़े प्रकाशनगर और पीरनगर विद्युत उपकेंद्र के फीडरों की आपूर्ति ठप रही। शाम साढ़े सात बजे बिजली की आपूर्ति शुरू हो सकी।
नगर के दोनों फीडरों से आपूर्ति ठप होने के बाद लोग भीषण गर्मी में पसीना बहाते रहे। बिजली पर आधारित कारोबार ठप हो गए। गर्मी से राहत के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे। यह स्थिति पिछले माह से बनी हुई है। लोगों की माने तो बिजली आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। रोस्टर के मुताबिक निर्धारित चार घंटे की कटौती के अलावा इमरजेंसी कटौती और फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली गुल रहती है।
इस संबंध में प्रकाशनगर उपकेंद्र के जेई अकबर अली ने बताया कि दशहरा, मुहर्रम और दुर्गा पूजा में निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति के मद्दनजर झुके खंभों और ढीले तारों को ठीक करने के लिए आपूर्ति बंद की गई थी। उधर प्रकाशनगर उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ अरविंद कुमार ने बताया कि रात एक से तीन बजे तक कंट्रोल से इमरजेंसी कटौती की गई थी।