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Ghazipur News: जिले में 7.25 करोड़ से विकसित होंगे आठ पर्यटन स्थल

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गाजीपुर। आने वाले दिनों में पर्यटन के फलक पर लहुरीकाशी अपनी आभा बिखेरगी। पर्यटन विभाग ने खाका तैयार कर लिया है। जनपद के सात विधानसभा क्षेत्रों के आठ आध्यात्मिक व धार्मिक स्थलों का चयन किया गया है। पर्यटन के विकास के लिए 7.25 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। जमीन की तलाश की जा रही है। सदर विधानसभा सीट के कुर्था स्थित पवहारी बाबा का आश्रम का जनपद में महत्वपूर्ण स्थान है। यह आश्रम ऐतिहासिकता व आध्यात्मिकता की विरासत को संजोए हुए है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस आश्रम पर एक करोड़ खर्च किया जाएगा। इसी तरह जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र के राम लक्ष्मण कुटी मंदिर का एक करोड़, मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के बासदेवपुर स्थित शिवालय का 75 लाख, जंगीपुर के मिरदादपुर स्थित शिव मंदिर (गरीब दास कुटी) का एक करोड़, सैदपुर के पर्ण कुटी आश्रम का एक करोड़, जमानिया के सेवराई तहसील के परेमन शाह स्थित हनुमान स्थल का एक करोड़, सैदपुर के पक्कखनपुर स्थित बाबा केशवदास मंदिर का एक करोड़ व जखनिया विधानसभा क्षेत्र के पदुमपुर स्थित रविदास मंदिर का 50 लाख रुपये की धनराशि से पर्यटक विकास होना सुनिश्चित है। पर्यटन विभाग पर्यटन विकास को लेकर जमीन की तलाश में जुटा है।
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स्वामी विवेकानंद की पुस्तक कर्मयोग में है जिक्र-गाजीपुर। जनपद ऋषियों, महर्षियों की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। कुर्था में सिद्ध संत पवहारी बाबा रहते थे। उन्हीं के नाम पर आश्रम का नामकरण पवहारी बाबा आश्रम हुआ है। शिकागो जाने से पहले स्वामी विवेकानंद गुरु रामकृष्ण परमहंस के कहने पर पवहारी बाबा से योग साधना की दीक्षा लेने गाजीपुर आए थे। स्वामी विवेकानंद ने अपनी पुस्तक कर्मयोग में पवहारी बाबा आश्रम का जिक्र किया है। वह पवहारी बाबा के बारे में लिखते हैं कि वह गाजीपुर के महान व अद्भुत संत थे। अपने जीवन में मैंने जितने बड़े-बड़े महात्मा देखें उनमें से वे एक हैं। वे अद्भुत व्यक्ति हैं। वे कभी किसी को उपदेश नहीं देते यदि तुम उनसे कोई प्रश्न पूछो भी तो भी वे उसका कुछ उत्तर नहीं देते। गुरु का पद ग्रहण करने में वे बहुत संकुचित होते हैं। यदि तुम उनसे आज एक प्रश्न पूछो और उसके बाद कुछ दिन प्रतीक्षा करो तो किसी दिन बातचीत में वे उस प्रश्न को उठाकर बड़ा सुंदर प्रकाश डालते हैं। उन्हीं ने मुझे एक बार कर्म का रहस्य बताया था।
जनपद की सातों विधानसभा क्षेत्र के आध्यात्मिक व धार्मिक आठ स्थलों का पर्यटन के लिहाज से विकास किया जाएगा। इसकी रुपरेखा बना ली गई है। जल्द ही काम शुरू होगा है। जमीन की तलाश की जा रही है। - आरके मौर्या, पर्यटक अधिकारी, गाजीपुर।
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