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Ghazipur News: मनी लॉन्ड्रिंग में ईडी ने पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रवर्तक को किया गिरफ्तार

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गाजीपुर। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने शुक्रवार को लंका स्थित पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व प्रवर्तक रामबाबू शाण्डिल्य को गिरफ्तार कर लिया। बिहार नंबर की गाड़ी से आई ईडी की टीम ने बैंक में दिनभर जांच पड़ताल की। गिरफ्तारी की पुष्टि एसपी डाॅ. ईरज राजा ने की है। बैंक में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर 14 जून 2024 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के लाइसेंस को निरस्त कर दिया था। इससे पहले आरबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर बैंक के पूर्व प्रवर्तक रामबाबू शाण्डिल्य, पूर्व सीईओ विवेक पांडेय, प्रबंध कमेटी, लेखा परीक्षक मेसर्स विजय के. शर्मा एंड कंपनी, बैंक प्रोपराइटर और संबंधित पार्टी व फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में 30 अगस्त 2023 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस प्रकरण की जांच को-ऑपरेटिव सेल वाराणसी कर रही है।
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वर्ष 2023 में आरबीआई की जांच में मिली थी गंभीर वित्तीय अनियमितता
गाजीपुर। आरबीआई को पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक में वर्ष 2023 में गंभीर वित्तीय अनियमितता मिली थी। इस मामले की जांच चल रही है। इसी बीच शुक्रवार को पहुंची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बैंक के पूर्व प्रवर्तक रामबाबू शाण्डिल्य को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी की भनक किसी को नहीं लगने दी। एसपी कार्यालय और शहर कोतवाली पुलिस को भी इस कार्रवाई से दूर रखा गया। दिनभर चली जांच के बाद ईडी ने पूर्व प्रवर्तक की गिरफ्तारी की सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की स्थापना सन 1989 में हुई थी। जिला मुख्यालय पर बैंक की मुख्य शाखा, शास्त्री नगर, कचहरी, महराजगंज, जंगीपुर, सैदपुर, शहीद नगर में अन्य शाखाएं हैं। आरबीआई के नियमों की अनदेखी करते हुए 14 अगस्त 2023 तक 42.85 करोड़ रुपये लोन बांटा गया था। आरबीआई की जांच में यह बात सामने आई थी कि बैंक की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक को गलत सूचनाएं भी प्रेषित की गई हैं। 31 मई को 2023 को 1.97 करोड़ की एसएलआर प्रतिभूतियां दिखाई गईं, जबकि सीएसजीएल के अनुसार यह शून्य थीं। इसी प्रकार सीआरआर की सूचनाएं भी गलत प्रेषित की गई हैं। गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर आरबीआई ने बैंक की सभी शाखाओं पर जमा एवं निकासी पर रोक लगा रखी थी। हालांकि, आरबीआई ने बैंक में पांच लाख से कम जमा करने वाले 912 खाताधारकों के 12 करोड़ 63 लाख रुपये वापस कर चुकी है। 1691 खाताधारकों का 22 करोड़ 92 लाख रुपये वापस करने की प्रक्रिया चल रही है। बैंक से 40 करोड़ रुपये के ऋण बांटे गए हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों के पत्र आने पर ऋण की वसूली की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
25 खातों से किया गया खेल : गाजीपुर। आरबीआई की जांच रिपोर्ट से पता चला था कि बैंक में 25 खातों से जमकर खेल किया गया है। बैंक के प्रवर्तकों, संबंधित पार्टी एवं फर्म ने एंटीमनी लॉन्ड्रिंग तथा प्रिवेंसन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया और पांच को-ऑपरेटिव सोसाइटी और 6 फर्म के नाम 25 खाते खोल दिए। इन खातों से बड़ी धनराशि की निकासी की गई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक ये खाते वास्तव में किसके हैं, ये जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। खातों का संचालन नियम विरुद्ध तरीके से किया गया। आरबीआई ने 29 अगस्त 2023 को पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की सभी शाखाओं पर लेनदेन पर रोक लगा दी थी
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पहले मामले को दबाने की हुई थी कोशिश : लंका स्थित पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक में जमा धनराशि लेने के लिए खाताधारकों ने पिछले वर्ष खूब हो-हल्ला किया था। पहले तो बैंक संचालकों ने इस मामले को दबाने के लिए खाताधारकों को उनके खाते में जमा धनराशि में से एक से दो हजार रुपये देकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन खाताधारक जमा पूरी धनराशि देने की मांग पर अड़ गए थे। धीरे-धीरे मामला तूल पकड़ लिया और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक पहुंच गया था। आरबीआई ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। जांच में मामला सही मिलते ही कार्रवाई तेज हो गई।
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