शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मां शेरावाली को स्थापित करने के लिए पांडाल बनाने का कार्य भी जोर-शोर से शुरू हो गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बाहर से कारीगर बुलाकर भव्य पांडाल बनाने की
कवायद शुरू हो गई है। वहीं कई पूजा कमेटी के लोग अपने हाथों से पांडाल बनाने में जुटे हुए हैं।
जिले में 22 अक्तूबर को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। नंदगंज सहित कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पांडालों में नवरात्र
के पहले दिन ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं अधिकांश पांडालों में दशहरा से तीन दिन पूर्व प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। पर्व नजदीक आते ही पूजा कमेटियों की ओर से पांडालों का
निर्माण शुरू हो गया है। कई पूजा समितियों की तरफ से कोलकाता, वाराणसी आदि जिलों से कारीगरों को बुलाकर पांडाल बनवाने का कार्य कराया जा रहा है। पांडाल को भव्यता प्रदान करने के लिए पूजा कमेटियों में होड़ मची हुई है। शहर
के स्टेशन रोड, नवाबगंज, वंशीबाजार, भुतहियाटाड़ सहित अन्य मुहल्लों में पांडाल निर्माण का कार्य पिछले कई दिनों से जारी है। कारीगर पूरी रात जागकर पांडाल को तैयार करने में जुटे हुए हैं। नंदगंज में पांडाल बनाने का काम तेजी से
चल रहा है। यहां नवरात्र के पहले दिन से ही मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य प्रारंभ हो जाता है। इसी तरह कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी पांडाल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।