पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिमाओं में एक से दो हजार रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। शहर के गोरा बाजार निवासी बलराम प्रजापति ने बताया कि प्रतिमाओं के साज-सज्जा में काफी परिवर्तन आया है। पिछले वर्ष जहां दुर्गा प्रतिमा का मूल्य 4000 से 7050 रुपये था, वहीं इस बार प्रतिमाओं का मूल्य 6650 से 8050 रुपये हो चुका है। यही नहीं पश्चिम बंगाल से साज-सज्जा के लिए आने वाले सामानों के दामों में भी वृद्धि हुई है।
बाहर से आने वाले कारीगरों की मजदूरी भी बढ़ गई है।शहर के गोराबाजार निवासी बलिराम प्रजापति के पिता सिद्धेश्वरनाथ प्रजापति काफी दिनों से प्रतिमा बनाने का कार्य करते रहे हैं। इस बार भी बलिराम प्रजापति प्रतिमा को बनाने का कार्य पूरी मेहनत से कर रहे है।बंशी बाजार में सड़क किनारे पांडाल लगाकर दुर्गा प्रतिमा के साथ अन्य देवी-देवताओं के मूर्ति का निर्माण का कार्य करीब दस दिनों से चल रहा हैं।
प्रतिमा बनाने का कार्य कर रहे बलिराम प्रजापति ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दुर्गा प्रतिमाओं पर भी महंगाई का असर पड़ा है। दुर्गा प्रतिमा बनाने के कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी में भी बढ़ोत्तरी हुई है। खासकर बाहर से बुलाए जाने वाले कारीगर अपनी मजदूरी बढ़ा दिए हैं। यहीं नहीं मिट्टी और पुआल से लेकर साजो-सज्जा के सामान के मूल्यों में भी काफी वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि पश्चिमी बंगाल से मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं को सजाने के लिए आने वाले सज्जा के सामानों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 100-200 रुपये की वृद्धि हुई है। कहा कि अभी भी मूर्तियों की बुकिंग नहीं हुई है। महंगाई के चलते ही प्रतिमाओं की बिक्री पर भी असर पड़ा है।