श्रीराम कॉलोनी में सड़क पर जमा गंदा पानी। संवाद
गाजीपुर। शहरी सीमा से पांच सात किलोमीटर की परिधि में बीते 20 सालों में 29 कॉलोनियों समेत 39 इलाके विकसित हो गए। लेकिन यहां बसी करीब 75 हजार की आबादी के सामने जलनिकासी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी है।
खासकर बारिश होने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए जल निगम शहरी ने पहल की है। निगम जलनिकासी के लिए डीपीआर तैयार कर रही है। जिसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। इसे मंजूरी मिलते ही जलनिकासी की समस्या का समाधान हो सकेगा।
शहरी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए लोग इसकी सीमा से नजदीक इलाकों में बसते चले गए। जनपद के विभिन्न गांवों से आकर लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा व मूलभूत सुविधाओं की आस को लेकर इन कॉलोनियों व इलाकों में आबाद हुए।
वर्ष-दर-वर्ष वह इंतजार करते रहे कि शायद अब उनकी कॉलोनियों में जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था होगी। लेकिन हर बीतता वर्ष उनकी उम्मीदों को तोड़ने का काम किया।
बारिश होने पर इन कॉलोनियों व इलाकों की ऐसी स्थिति हो जाती है कि यहां से गुजरने वाला हर राहगीर कहता है कि इससे अच्छी स्थिति तो गांवों की है। लेकिन, अब इस दिशा मेगा प्रोजेक्ट के तहत सुध लेने का कार्य किया गया है।
जल निगम शहरी शहर से सटी कॉलोनियों में जलनिकासी का बेहतर इंतजाम करने को लेकर डीपीआर तैयार कर रहा है। डीपीआर में कॉलोनियों, इलाकों से लेकर नाले व नालियों की संख्या का जिक्र होगा।
इन इलाकों के नालों व नालियों के पानी का प्रबंधन कैसे किया जाए, इसका पूरा खाका तैयार किया जा रहा है। डीपीआर में प्रोजेक्ट का लागत खर्च भी तय किया जाएगा। डीपीआर तैयार होने के बाद इसको मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।