भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि के अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यकर्ताओं ने पीरनगर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने उनके बताए रास्ते पर चलकर संविधान की मर्यादा एवं लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने डा. राजेंद्र प्रसाद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें महान देशभक्त बताया। अरुण कुमार श्रीवास्तव ने भारतीय संविधान की रचना में डा. प्रसाद के योगदान की चर्चा की। कहा कि डा. प्रसाद अत्यंत ही मेधावी छात्र रहे। वे महात्मा गांधी के परम अनुयायी थे।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तीन दिसंबर को उनकी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने तथा इस दिन को अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाने की केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग की। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट बार संघ के सामने स्थित पार्क में उनकी प्रतिमा लगाने की भी मांग की गई। इस मौके पर गोरखप्रसाद सिन्हा, पारसनाथ सिंह, परमानंद, अशोक, पीयूष, राहुल, सुनील दत्त, मनीष, संतोष, अमरनाथ, विजयप्रकाश, अखिलेश, नगीना, रामनिवास, अशोक श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर आदि मौजूद थे। संचालन सत्यप्रकाश श्रीवास्तव ने किया।