पूर्वांचल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के बैनर तले जिला अस्पताल में गुरुवार को चिकित्सकों एक जुलूस निकाल कर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। इसके पूर्व चिकित्सकों ने जिला अस्पताल परिसर में डा. रत्नाकर सिंह की अध्यक्षता में बैठक की। जिसमें डा. पीपी उपाध्याय पर दबंगों द्वारा हमला किए जाने की निंदा की गई। चिकित्सकों ने कहा कि आरोपियों के विरूद्घ कार्रवाई नहीं की गई तो विरोध में चिकित्सक 24 जून से कामकाम ठप कर रोज सुबह आठ से दस बजे तक अस्पताल परिसर में धरना देंगे।
अगर इसके बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 25 जून को चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे। सिर्फ ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड खुला रहेगा।डीएम को दिए गए पत्रक में कहा गया है कि 19 जून की रात इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डा. पीपी उपाध्याय की अज्ञात लोगों द्वारा पिटाई किए जाने से अन्य चिकित्सकों में भय और घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है। घटना के कई दिन बाद भी हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से चिकित्सकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सदर एसडीएम द्वारा बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश एवं पीपी उपाध्याय की सहमति लिए बिना अपने मौखिक अआदएश का अनुचित दबाव बनाकर डा. पीपी उपाध्याय के खून एवं मूत्र का नमूना जबरन एखत्र करवाया गया और सैम्पुल को अपने हस्ताक्षर से सील करवाया जाना इस बात का संकेत देता है कि एसडीएम अपराधियों के विरुद्ध जांच करने की बजाय उल्टा पीड़ित चिकित्सक को प्रताड़ित कर रहे हैं।
जबकि एसडीएम सदर, एसपी सिटी, सीओ को मुख्य चिकित्साधिकारी के कक्ष में सीसी टीवी का फुटेज दिखाया गया, जिसमें ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को अपराधियों द्वारा लाइट बुझाकर पीटते हुए और खीचकर बाहर ले जाते हुए पाया गया। चिकित्सकों ने कहा कि गिरफ्तारी को लेकर 24 जून से उनका आंदोलन शुरु हो जाएगा। इस मौके पर सीएमओ एमपी सिंह, सीएमएस एके मिश्रा, डा. पीपी उपाध्याय, डा. बीके श्रीवास्तव, डा. जेपी राय, डिप्टी सीएमओ डा. आरके सिन्हा, डा. संजय राय, डा. बावन दास, कर्मचारी नेता दुल्लर राम, राकेश सिंह, सरस्वती कुशवाहा, शंभूशरण, मंशा यादव, हकीउल्लाह आदि मौजूद थे।