सांपों को आसानी से पकड़ने का माहिर शहर के सिकंदरपुर निवासी लालबाबू की सर्प दंश से मौत हो गई। वह अक्सर सांप पकड़कर लोगों का मनोरंजन कराता था। सोमवार की सुबह वह पकड़े हुए सांप को दिखा रहा था कि इसी दौरान सांप ने उसके हाथ में डंस लिया था। यह देख लोगों ने सांप पर मिट्टी का तेल डाल दिया जिससे वह भी मर गया। वहीं, लाल बाबू के जीवित होने की आस में परिवार के लोग दूसरे दिन मंगलवार की शाम तक झाड़-फूंक कराने में जुटे रहे।
सिकंदरपुर निवासी लाल बाबू निषाद (60) पिछले 25 वर्षों से सर्प पकड़ने का काम करता था। सप्ताहभर पहले उसने शहर के नवापुरा निवासी विशाल गुप्ता के मकान से गेहुअन सांप पकड़ा था। इस दौरान सांप ने उसे डंसा भी था, लेकिन उसे कुछ नहीं हुआ था। सोमवार की सुबह लालबाबू ने आलमपट्टी मुहल्ले के एक मकान से करीब छह फीट लंबा सांप पकड़ा। वह पकड़े गए गेहुअन सांप को घर लाकर बच्चों को दिखा रहा था कि ांप ने उसके दाहिने हाथ में डस लिया।
जानकारी हुई तो परिवार और मुहल्ला के लोग उसे जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। लेकिन कुछ न होने की दुहाई देते हुए लाल बाबू अस्पताल न जाने की जिद पर अड़ा रहा। हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उसे अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों को इस बात की आस थी कि शायद झाड़-फूंक से लालबाबू की सांसें फिर से चलने लगेंगी। परिवार के लोग कोलकाता से झाड़-फूंक करने आने वाले बाबा का इंतजार कर रहे थे।