ओवरलोड पर लगाम लगाने और लाखों की कर चोरी रोकने के मंगलवार को ट्रकों की जांच की गई। इस दौरान लखनऊ से आई खनिज विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने 14 ओवर लोड ट्रकों को सीज करते हुए 35 लाख की कर चोरी पकड़ी। जांच अभियान से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया। सीज ट्रकों को छुड़वाने से लिए देर रात तक सिफारिशों का दौर चलता रहा। टीम ने सीज ट्रकों को पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, जांच की जानकारी मिलते ही हाइवे पर सन्नाटा पसर गया।
प्रमुख सचिव भूतत्व एवं खनिज ने कर चोरी रोकने के लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को अभियान चलाने का आदेश दिया था। इसी क्रम में मंगलवार को प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ व परिवेक्षक खनन अधिकारी लखनऊ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यों की टीम ने मंगलवार को भोर से सुबह नौ बजे तक सुहवल और जमानिया में सड़क पर खड़े होकर जांच की।
अभियान में टीम ने कुल 14 ट्रकों को सीज कर उन्हें संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया। जमानिया में गिट्टी लदे छह और बालू लदे दो ट्रकों को जमानिया और सुहवल में बालू लदे चार और कोयला लदे दो ट्रकों को सीज कर पुलिस के हवाले किया। अभियान की जानकारी जब वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टर्स को हुई तो उनमें हडकंप मच गया। पकडे गए वाहनों को छुड़ाने के लिए लोगों ने देर रात तक प्रयास किया लेकिन उनकी एक नहीं चली।
इस दौरान हाईवे पर ट्रकों की लंबी कतार लग गई। ट्रक चालक ट्रक को सड़क पर छोड़ कर भाग खड़े हुए। जांच टीम में सहायक बिक्री कर आयुक्त संतोष कुमार द्विवेदी, वाणिज्य कर अधिकारी अभिषेक कुमार, जिला खनन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी भवानी दीन मौजूद रहे।