विधानसभा और एमएलसी चुनाव खत्म होने के बाद शनिवार को जनपद के सातों तहसील पर संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इसमें 176 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें 12 का निस्तारण किया गया। वहीं सदर तहसील पर आयोजित मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम एवं पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई कर प्रार्थना-पत्रों को निस्तारित किया। इस दौरान अनुपस्थित सीएमओ, एईआरईडी, अधिशासी अभियंता जल निगम (शहरी/ग्रामीण), अधिशासी अभियंता नलकूल प्रथम, द्वितीय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, सीओ चकबंदी सदर, अधिशासी अभियंता लघु डाल का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इधर सुबह नौ बजे से परिसर में पहुंचे अधिकांश फरियादियों के प्रार्थना पत्र निस्तारित न होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
जखनिया तहसील पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर सुबह 10 बजे एसडीए वीरबहादुर सिंह यादव पहुंचे और सभागार में बैठक एक -एक करके फरियादियों के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई शुरू कर दिए। सुबह 10.05 भुड़कुड़ा सीओ गौरव कुमार पहुंचे। सुबह 10.20 पर एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी और एडीएम अरुण कुमार सिंह पहुंचे और फरियादियों के आवेदनों का निस्तारण शुरू किया। हालांकि जानकारी के अभाव में फरियादियों की संख्या कम थी। सदर तहसील पर आयोजित मुख्य संपूर्ण समाधान दिवस पर 21 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें से मात्र चार का ही निस्तारण हो पाया। सैदपुर तहसील में 26 में एक, सेराई में 11 में एक, जखनिया में 42 प्रार्थना-पत्र में दो, कासिमाबाद में 35 में तीन, जमानिया में 16 में एक और मुहम्मदाबाद में 25 प्रार्थना-पत्र आए। इसमें एक भी निस्तारण हो पाया। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण कराएं। साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को आगामी दो दिवस में शत-प्रतिशत निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से होती है। इसमें लापरवाही पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, उपजिलाधिकारी सदर, जिला विकास अधिकारी, क्षेत्राधिकारी सदर एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
दो वर्ष से तहसील का चक्कर लगा रहा हूं। समाधान दिवस पर अधिकारियों के यहां पत्र देते- देते थक चुका हूं, लेकिन भूमि विवाद आज तक नहीं सुलझा। उलटे ही पुलिस विपक्षियों से मिलकर फंसा देती है। इस बार एडीएम को शिकायती पत्र सौंपा हूं, शायद कुछ सुनवाई हो जाए। - जयप्रकाश, बेलहरा
गांव में बंजर की जमीन पर कब्जा है, लेकिन दबंगों द्वारा अतिक्रमण कर कब्जा किया जा रहा है। अधिकारियों का चक्कर काटते-काटते कई वर्ष बीत गए, लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हुई। इस बार भी शिकायती पत्र दिया गया है। - रामकेश विश्वकर्मा, जगदीशपुर घुरबीन