उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक मोर्चा की बैठक मंगलवार को विकास भवन परिसर में हुई। इस अवसर पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर 27 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय पर धरनारत 17 शिक्षकों के एक दिन के वेतन की कटौती को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी निंदा की गई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि धरना-प्रदर्शन करना किसी कर्मचारी या शिक्षक का शौक नहीं होता। मजबूरीवश जब संबंधित विभाग के अधिकारी अपने कर्मचारियों शिक्षकों की मांगों की अनदेखी करते हैं तो बाध्य होकर संगठन धरना-प्रदर्शन को मजबूर हो जाता है। शिक्षकों का वेतन काटा जाना जिले के कर्मचारियों एवं शिक्षकों का अपमान है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला श्रमिक समन्वय समिति के अध्यक्ष अंबिका दुबे के नेतृत्व में कर्मचारियों-शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल 2 मार्च को जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे, मोर्चा के महासचिव विजयशंकर राय, राणाप्रताप सिंह, नीरज सिंह, राजेश सिंह, दिनेश यादव, दुर्गेश श्रीवास्तव, अभयराज सिंह, सुभाष सिंह, मनोज राय, राकेश सिंह, नीतू सिंह, रमा त्रिपाठी, प्रफुल्ल राय, डा. दिग्विजय सिंह एवं अनंत सिंह आदि उपस्थित थे।
अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रामानुज सिंह ने की।