गाजीपुर। मंगलवार को भी 17 संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। जिले में मरीजों के मिलने के बाद से अब तक उनसे जुड़े लोगों, संदिग्धों और परिजनों को मिलाकर करीब 136 लोगों की सैंपलिंग की गई। शुरुआती दौर में पांच के पाजिटिव मिलने के बाद बाकी सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव ही आती रही। नया मरीज नहीं मिलने के बाद से जिले को खतरे के जोन से बाहर माना जा रहा है। इधर, कोरोना की ड्यूटी में लगाए गए 21 स्वास्थ्यकर्मियों का सैंपल भी जांच के लिए भेज दिया गया।
गाजीपुर में मिले कोरोना वायरस से संक्रमित पांचों मरीज जमाती तथा जमातियों से मिलने जुलने वाले ही रहे हैं। इसके बाद प्रशासन इन सभी के परिजनों तथा मिलने जुलने वालों की जानकारी जुटाने लगा। इसके बाद इसमें संदिग्ध मिल रहे लोगों की सैंपलिंग की जा रही है। सैंपलिंग के बाद कुछ लोगों को क्वांरीटन कर दिया गया तो कुछ को घर भेज दिया गया। शहर के महुआबाग स्थित मस्जिद में मिले कुल 14 जमातियों की वजह से गाजीपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती गई। इसके बाद पुलिस विभाग ने इनके जिले में आने के बाद की गतिविधियों का पता लगाना शुरू किया। शहर में आठ देहरादून, तीन सहारनपुर और तीन दिलदारनगर के लोग जिस मस्जिद में मिले। वहां लोगों की गतिविधियों को खंगाला गया। अभी भी यह क्रम बना हुआ है। दिलदारनगर में पुलिस ने 29 लोगों की सूची तैयार की, जिसके आधार पर उन्हें जिला मुख्यालय स्थित रेलवे प्रशिक्षण केंद्र स्थित क्वारंटीन सेंटर पर रखा गया। कुछ महिलाओं को वापस भेज दिया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमेश कुमार ने बताया कि लगातार निगेटिव परिणाम आना जिले के लिए सकारात्मक संकेत है। फिर भी सभी को सावधान रहना चाहिए।