जिला अस्पताल जल्द ही आईसीयू वार्ड से लैस हो जाएगा। दस बेड के आईसीयू वार्ड स्थापित कराने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने निरीक्षण करने के साथ स्थान का चयन किया। साथ ही वार्ड को अत्याधुनिक जीवन रक्षक यंत्रों से लैस करने पर जहां विचार- विमर्श किया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित भी किया।
करीब पांच से छह वर्ष मिश्र बाजार में स्थापित जिला अस्पताल गोराबाजार स्थित 200 बेड के नव निर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। यही नहीं अस्पताल का संचालन भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं लैस नहीं हो सकी थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के स्थापित होने और संचालन के बाद जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल कालेज से संबंद्ध हो गया और उसमें सुविधाएं बढ़नी शुरू हो गई। लेकिन आईसीयू न होेने से क्रिटिकल मरीजों को जीवन रक्षक यंत्रों के सहारे उपचार के लिए वाराणसी अथवा गैर जनपदों में भेजा जा रहा था। ऐसे में प्रधानाचार्य ने मरीजों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए जिला अस्पताल के प्रथम तल पर दस बेड के आईसीयू वार्ड बनाने के लिए कार्रवाई तेज कर दी। जून माह के अंत तक वार्ड तैयार हो जाएगा। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि आईसीयू वार्ड नहीं था। इसको स्थापित कराने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया। 30 जून तक जीवन रक्षक यंत्रों से लैस कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पांच बेड का बनेगा बर्न वार्ड
गाजीपुर। जिला अस्पताल में पांच बेड का बर्न वार्ड भी बनेगा। इसके लिए भी स्थान का चयन कर लिया गया है। साथ ही वहां स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती के साथ वार्ड को एसी से लैस करने की भी जल्द कवायद शुरू होगी। वजह अस्पताल में बर्न वार्ड नहीं होने से गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का उपचार नहीं हो पाता है और उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया जाता है।
डायलिसिस यूनिट का ट्रायल, किडनी मरीजों को मिलेगी राहत
गाजीपुर। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का ट्रायल बृहस्पतिवार को किया गया। ऐसे में अब लोगों को डायलिसिस की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए गैर जनपदों का जहां रूख नहीं करना पड़ेगा। ट्रायल दौरान मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा और जिला अस्पताल के सीएमएस डा. राजेश मिश्रा वहां मौजूद रहे और डायलिसिस यूनिट के सफल संचालन का निरीक्षण भी किया।
किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए जिला अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट वरदान साबित होगा। लंबे समय से डायलिसिस यूनिट स्थापित कराने को लेकर प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन कोरोना संक्रमण काल होने के चलते दो वर्ष तक मशीन न तो अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध हो सकी और न ही स्थापित हो सकी। ऐसे में राजकीय मेडिकल कालेज के संचालन के बाद जिला अस्पताल को अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाओं से लैस किया जाना लगा। इधर डायलिसिस यूनिट स्थापित कराने की भी प्रक्रिया तेज हो गई थी। डायलिसिस यूनिट के स्थापित होने के बाद ट्रायल शुरू कर दिया गया। करीब तीन दिनों तक लगातार ट्रायल चलेगा। इसके बाद इस सुविधा का उद्घाटन करने के बाद सुविधा का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा। इस संबंध में मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा ने बताया कि डायलिसिस यूनिट का ट्रायल शुरू हो गया है। जल्द ही इस सुविधा का लाभ किडनी मरीजों को मिलने लगेगा।