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सफल परीक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र और उनका मूल्यांकन पत्र वितरित किया

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गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से कौशल विकास योजना के अंतर्गत वर्मी कम्पोस्ट’ प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें कृषि कौशल विकास परिषद की ओर से सभी 20 प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा ली गई। इसके बाद उनका परिणाम घोषित हुआ जिसमें शत-प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। सफल परीक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र तथा उनका मूल्यांकन पत्र वितरित किया गया।
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केंद्र के फसल सुरक्षा विशेषज्ञ ओमकार सिंह ने बताया कि केंचुआ खाद या वर्मी कंपोस्ट पोषण पदार्थों से भरपूर एक उत्तम जैव उर्वरक है। केंचुआ कृषि में अपना योगदान भूमि सुधार के रूप में देता है। जिस भूमि में केंचुआ नहीं पाये जाते हैं उनसे यह स्पष्ट होता है कि मिट्टी अब अपनी उर्वरा शक्ति खो रही है तथा उसका ऊसर भूमि के रूप में परिवर्तन हो रहा है। केंचुआ मिट्टी में पाये जाने वाले जीवों में सबसे प्रमुख है। आज केंचुओं की कुछ ऐसी प्रजातियां विकसित कर ली गई हैं जिनको पालकर आप प्रतिदिन के कूड़ा-करकट को अच्छी खाद ‘वर्मी कम्पोस्ट में बदल सकते हैं। यह खाद इतनी शक्तिशाली होती है कि इसमें पौधों द्वारा चाहे गए सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं तथा पौधे इनको तुरंत ग्रहण कर लेते हैं। प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट एंड हेड डा. वीके सिंह, डा. डीके सिंह, डा. एसके सिंह, डा. डीपी श्रीवास्तव, आशीष कुमार वाजपेयी, आशुतोष सिंह, डा. पीके सिंह, सुनील कुमार, कपिलदेव शर्मा एवं मनोरमा उपस्थित थीं।
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