नाबालिग बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का शुक्रवार को रेलवे पुलिस ने भंडाफोड़ किया। इस गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया। उससे छह बच्चों को मुक्त कराया। यात्रियों की सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल तथा राजकीय रेलवे पुलिस बक्सर की संयुक्त टीम ने विभूति एक्सप्रेस में छापामार कर यह गिरफ्तारी की।
पटना रेलवे स्टेशन से छह नाबालिग बच्चों को साथ लेकर विभूति एक्सप्रेस ट्रेन से कुछ लोग वाराणसी के लिए जा रहे थे। इसकी सूचना कुछ यात्रियों ने बक्सर राजकीय रेलवे पुलिस को दी। जीआरपी ने बक्सर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही ट्रेन में छानबीन और तलाशी शुरू कर दी। ट्रेन में एक नाबालिग भटकता हुआ दिखा। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा। इस दौरान ट्रेन वहां से खुल गई। मासूम बच्चों की तस्करी के बारे में जीआरपी ने कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दी।
रेलवे कंट्रोल रूम ने दिलदारनगर स्टेशन पर एलर्ट जारी किया। जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग शुरू कर दी। ट्रेन के अंदर छापामारी कर पांच नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। इस दौरान करीब 12 मिनट तक ट्रेन रेलवे स्टेशन पर ही खड़ी रही। ट्रेन से बरामद किए गए बच्चों में संदीप, राजकुमार, शाहनवाज, जावेद, चुन्नु तथा अरबाज बिहार के अररिया जिले के अलग-अलग गांवों के हैं।
इनकी तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना भीम को बक्सर जनपद में जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आरपीएफ प्रभारी आरए प्रसाद ने बताया की सरगना से पूछताछ चल रही है। बहुत जल्द रेलवे पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी बेनकाब करने का काम करेगी
।रेलवे से मासूम बच्चों की तस्करी का खेल काफी दिनों से चल रहा है। दो साल पूर्व भी मुगलसराय में रेलवे पुलिस ने कुछ बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया था। लोगों के जेहन में एक सवाल कौंध रहा था कि आखिरकार तस्कर इन बच्चों को अपने चंगुल में कैसे फांसते हैं और कहां ले जाकर बेचते हैं ? इस दिशा में छानबीन चल रही है। पुलिस की माने तो बच्चों के परिवार वालों से भी संपर्क साधा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि इन बच्चों को महानगरों में लेजाकर घरेलू नौकर के रूप में काम लिया जाता है।