गाजीपुर। जनपद की सभी 1238 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण होगा। इनका निर्माण चरणवार तरीके से होगा। पहले चरण में 294 ग्राम पंचायतों में 11.76 करोड़ की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी बनेगी। इससे आने वाले दिनों में ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
हर डिजिटल लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तरह से 294 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण पर 11.76 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जनपद में चरणबद्ध तरीके से सभी ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाना तय है। अभी पहले चरण का खाका तैयार किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण के तहत ग्राम पंचायतों का चुनाव किया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी के तहत निशुल्क इंटरनेट, पुस्तकें, फर्नीचर, कंप्यूटर और पेयजल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र आधुनिक शिक्षा की दौड़ में अभी भी पीछे हैं। डिजिटल लाइब्रेरी आधुनिक शिक्षा की मुहिम को एक नया आयाम देने का काम करेगी। विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को सहूलियत मिलेगी।
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शहर का करना पड़ता है रुख
गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को शहर का रुख करना पड़ता है। शहर से सटे ग्रामीण इलाकों के युवा प्राइवेट तौर पर संचालित हो रहे लाइब्रेरी का सहारा लेते हैं। दूर-दराज के गांवों के युवा प्राइवेट लाइब्रेरी से भी वंचित रह जाते हैं। कुछ गांवों में शहर की तर्ज पर प्राइवेट डिजिटल लाइब्रेरी खुले हुए हैं। लेकिन, यहां पैसा ज्यादा लगता है। हर महीने 500 से लेकर 1 हजार रुपये तक की फीस देनी पड़ती है। लेकिन, अब गांवों में निशुल्क महंगी किताबों के साथ उच्चकोटि के लेखकों की किताबें, शोध समेत सभी तरह की शिक्षण सामाग्री मिल सकेगी।
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डिजिटल होगी ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था
डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण होने से ग्रामीण अंचलों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी। साथ ही एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा। लाइब्रेरी में बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अखबार, मैगजीन, साहित्य, कहानी और नाटक की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही लाइब्रेरी के दीवारों पर थीम आधारित पेंटिंग्स भी बनाई जाएंगी, ताकि बच्चों को एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक वातावरण मिले।
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वर्जन
पहले चरण में 294 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। शासन से बजट जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
निलेंद्र सिंह, प्रभारी डीपीआरओ