डीआईजी वैभव कृष्ण ने सराफा बाजारों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था परखी। उन्होंने सक्रिय अपराधियों पर निगरानी के निर्देश दिए। धनतेरस पर जाम से निपटने को वन-वे व्यवस्था की तैयारी की गई।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
त्योहारों पर बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ के बीच कहीं लूट और डकैती की वारदात न हो जाए, इसके लिए पुलिस ने इस बार पुराने अपराधों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। पिछले दस वर्षों में धनतेरस, दीपावली और भैया दूज पर हुई लूट और डकैती की घटनाओं की समीक्षा कर पुलिस अब उनमें शामिल रहे आरोपियों की मौजूदा स्थिति पता लगा रही है। जेल से बाहर सक्रिय अपराधियों और संदिग्धों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
यह बातें बृहस्पतिवार को वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने शहर कोतवाली परिसर में कहीं। इसके पहले डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील सराफा क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
डीआईजी ने लंका बस स्टैंड से विश्वेश्वरगंज, मिश्र बाजार होते हुए कोतवाली तक पैदल गश्त की। इस दौरान बाजारों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा प्रबंधों को परखा। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जाना।
विज्ञापन
Trending Videos
सराफा बाजारों में पैदल गश्त कर डीआईजी ने परखी सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
दस साल की वारदातों की समीक्षा, जेल से बाहर आए अपराधियों पर नजर
धनतेरस, दीपावली और भैया दूज के दौरान पिछले दस वर्षों में हुई लूट और डकैती की घटनाओं को लेकर डीआईजी ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इन घटनाओं में शामिल रहे आरोपियों की वर्तमान स्थिति का ब्योरा जुटाने को कहा। कौन जेल में बंद है और कौन बाहर सक्रिय है, इसकी जानकारी लेकर संदिग्धों और सक्रिय अपराधियों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यक निरोधात्मक और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सराफा बाजारों में पैदल गश्त कर डीआईजी ने परखी सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी चालू रखें, संदिग्ध दिखे तो दें सूचना
कोतवाली परिसर में सराफा कारोबारियों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। डीआईजी ने दुकानों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखने, सुरक्षा उपकरणों का समुचित इस्तेमाल करने और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने को कहा। व्यापारियों ने भी सुरक्षा संबंधी समस्याएं और सुझाव रखे।
डीआईजी ने व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों से भी संवाद किया। उन्होंने चौकी प्रभारी और एसएचओ के संपर्क में रहने की सलाह दी। हाल ही में गाजीपुर में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। समय रहते सूचना मिलने पर पुलिस और तेजी से कार्रवाई कर सकती है।
सराफा बाजारों में पैदल गश्त कर डीआईजी ने परखी सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
धनतेरस पर जाम से निपटने को वन-वे की तैयारी
छह नवंबर को धनतेरस के मद्देनजर डीआईजी ने जिले की यातायात प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की। कहा कि प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम से निपटने के लिए पार्किंग, वैकल्पिक मार्गों और जरूरत के अनुसार वन-वे व्यवस्था लागू करने की व्यवहार्यता पर विचार किया गया। त्योहारों में बाजारों तक पहुंचने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
सराफा बाजारों में पैदल गश्त कर डीआईजी ने परखी सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
पटाखों के अवैध भंडारण पर भी सख्ती
डीआईजी ने कहा कि दीपावली पर पटाखों की दुकानों की सुरक्षा और अवैध भंडारण को लेकर भी पुलिस सख्त है। बिना लाइसेंस पटाखों का भंडारण करने और अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस पहले भी ऐसे मामलों में पटाखे बरामद कर चुकी है। डीआईजी ने अधिकारियों को बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग, महिला सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।