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काउंसिलिंग नहीं होने पर डायट में तोड़फोड़

Mon, 23 Mar 2015 11:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
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डायट सैदपुर में सोमवार को काउंसिलिंग की प्रक्रिया दोपहर तक शुरू नहीं होने पर लाइन मेें खड़े अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित अभ्यर्थियों ने एक कक्ष में तोड़फोड़ करते हुए कुर्सियों को उठाकर फेंक दिया तथा कुछ देर तक पत्थरबाजी भी की। बाद में नारेबाजी करते हुए गाजीपुर-वाराणसी राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर एसडीएम सैदपुर भानुप्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर अभ्यर्थियों से चक्काजाम समाप्त कराया। साथ ही काउंसिलिंग के लिए आए अभ्यर्थियों की फाइलें जमा करा लीं।
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पांचवें चरण की काउंसिलिंग के लिए सोमवार को डायट सैदपुर में दूर-दराज से पुरुष एवं महिला अभ्यर्थी आईं हुईं थीं। सुबह 10 बजे से ही सभी लाइन में खड़े थे। दोपहर बारह बजे तक जब काउंसिलिंग शुरू नहीं हुई तो अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। इसके बाद अभ्यर्थियों ने डायट के एक कक्ष में रखी कुर्सियों को उठा कर फेंकना शुरू कर दिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। हंगामा करते हुए अभ्यर्थी वाराणसी-गाजीपुर राजमार्ग पर उतर आए और चक्काजाम कर धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि काउंसिलिंग की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी लेकिन दोपहर बारह बजे तक  प्राचार्य डायट में उपस्थित नहीं हुए।

इस पर कर्मियों की ओर से काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। चक्काजाम की वजह से राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। सूचना पर सैदपुर एसडीएम भानु प्रताप सिंह, सैदपुर कोतवाल रामचंद्र भारती के साथ मौके पर पहुंचे। अभ्यर्थियों ने उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी दी। मौके से ही एसडीएम ने अपने मोबाइल से डायट प्राचार्य को फोन मिलाकर काउंसिलिंग न होने का कारण पूछा। प्राचार्य ने कहा कि मुझे अभी पहुंचने में एक घंटे लगेंगे। एसडीएम से अभ्यर्थियों की एक ही मांग थी कि हमारी काउंसिलिंग कराई जाए।
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इस पर एसडीएम ने कहा कि  अभी प्राचार्य को आने दीजिए। फि र उनसे बात करके काउंसिलिंग शुरू कराई जाएगी, लेकिन प्राचार्य के आने के इंतजार में जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, अभ्यर्थी बीच-बीच में उग्र होकर प्रशासन और प्राचार्य के खिलाफ  नारेबाजी करते रहे। जब घंटों इंतजार करने के बाद भी प्राचार्य नहीं पहुंचे तो एसडीएम ने अभ्यर्थियों का रूख देखते हुए अपने कर्मचारी लगाकर अभ्यर्थियों की फ ाइलें जमा करा लीं, और अभ्यर्थियों को सांत्वना दिया कि रात तक सभी फ ाइलों को अलग-अलग करके उसकी सूची तैयार कर ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्यवाही प्राचार्य से सुनिश्चित कराई जाएगी।  इस पर अभ्यर्थी अपनी-अपनी फ ाइल जमा कर लौट गए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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