गाजीपुर। शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि से शहर समेत ग्रामीण अंचलों में दुर्गा पूजा की धूम शुरू हो गई है। विभिन्न जगहों आकर्षक पूजा पंडाल बनाएं गए हैं। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए यहां स्थापित मां की मनमोहक प्रतिमाओं के पट खोल दिए गए हैं। प्रतिमाओं के पट खुलते ही देवी मंत्रों और जयकारों से कोना-कोना गूंज उठा। पंडालों में मां भगवती की प्रतिमा के साथ अन्य देवी देवताओं की सजी-धजी मूर्तियों के साथ उनका दरबार सजाया गया है। कहीं 12 फीट ऊंची मां की प्रतिमा विराजमान है तो कहीं मां को गन्ने की प्रतीकात्मक बलि देने की तैयारी है। रंग-बिरंगी झालर और सजावट के बीच मां के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु उनकी मनमोहक मूरत को देर तक अपलक निहारते रहे। ढोल-ताशा पर शाम को होने वाली आरती को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। पंडाल के पास सड़क पर दूर तक बिजली की सजावट के साथ तोरणद्वार बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पंडालों के पास पुलिस कर्मियों की तैनाती गई है।महुआबाग चौराहे पर जनपदीय दुर्गा पूजा समिति महुआबाग स्थित पंडाल में रखी दुर्गा प्रतिमा का पट सप्तमी की शाम 5 बजे खुल गया। समिति के अध्यक्ष विशाल राजभर ने बताया कि समिति वर्ष 1984 से ही दुर्गा प्रतिमा रखती आ रही है। इस वर्ष 45 फीट ऊंचे बने पंडाल में रौजा के गोशाला में बनी 12 फीट की प्रतिमा रखी गई है।सप्तमी को ही नवापुरा मोहल्ले में श्री श्री दुर्गा पूजा समिति नवापुरा के पूजा पंडाल में दुर्गा प्रतिमा का बंगाली विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा कर पट खोला गया। समिति के अध्यक्ष जनता मोदनवाल ने बताया कि वर्ष 1971 से ही बंगाल से आए पंडित बंगाली विधि से पूजा कराते है। अष्टमी को संधो पूजा के दौरान 108 दीप प्रज्वलित करने के साथ ही देवी को भतुआ व गन्ने की प्रतीकात्मक बलि दी जाती है।इसी तरह मिश्रबाजार, लाल दरवाजा, सकलेनाबाद, लंका, स्टेशन, पीरनगर, गोराबाजार, टेढ़ीबाजार, नवाबगंज, उर्दूबाजार, टेढ़वा, महाजनटोली, झुन्नूलाल का चौराहा, स्टीमरघाट, रायगंज, ददरीघाट, चीतनाथ, तुलसिया का पुल, कचहरी, तुलसीसागर, बंशीबाजार, भुतहिया टांड़ सहित कई अन्य मुहल्लों में बनाए गए पंडालों में स्थापित मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की आंखों पर बंधी पट्टी को सुबह, दोपहर और शाम को विधिवत हवन-पूजन के बाद खोल दिया गया। सभी जगहों पर दुर्गोत्सव की छटा देखते ही बन रही है। चार ओर उत्साह और भक्ति का समागम दिख रहा है। बिजली की झालरों, रोलेक्स एवं ट्यूबलाइटों से की गई सजावट लोगों का मन मोहती रही। पंडाल-पंडाल दर्शन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके चलते शाम ढलने के बाद बाजारों और कस्बों की रौनक बढ़ गई। देवी गीतों की धूम मची हुई है। पंडालों में आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया। आज से शुरु हुए पूजा-आरती का यह क्रम नवमी तिथि तक बना रहेगा। स्थानीय समितियों की ओर से सुरक्षा, सफाई और भक्तों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। कई मार्गों पर भीड़ की वजह से कुछ देर के लिए यातायात में अवरोध उत्पन्न हुआ। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद, जमानिया, रेवतीपुर, भीमापार, सादात, कासिमाबाद, भांवरकोल, सिधागरघाट, बहादुरगंज, दुल्लहपुर, मरदह, बिरनो, सेवराई, सुहवल, दिलदारनगर, खानपुर, औड़िहार, सैदपुर, जखनिया, करंडा, देवकली, नंदगंज, शादियाबाद, बहरियाबाद, मनिहारी सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पंडालों में देवी के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंची।
बच्चों ने की खिलौने की खरीदारी-गाजीपुर। दुर्गा पूजा मेला में शहर के प्रमुख बाजारों में गुब्बारे, खिलौने के साथ ही चाट, पकौड़ी, गोलगप्पा, चाउमीन, मोमोज, मूंगफली, रेवड़ी आदि की दुकानें लगाई गई है। इन दुकानों पर भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों के पंडालों के आस-पास लगी खिलौनों, खाने-पीने आदि की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही। बच्चों ने खिलौना आदि की खरीदारी की।
कन्या पूजन के साथ होता है डांडिया- मिश्रबाजार में दुर्गा पूजा समिति मिश्रबाजार स्थित पंड़ाल स्थित दुर्गा प्रतिमा की पट सप्तमी की शाम छह बजे विधि विधान से खोला गया। समिति के अध्यक्ष आनंद गुप्ता व बंटी प्रजापति ने बताया कि समिति की तरफ वर्ष 1984 से दुर्गा प्रतिमा रखी जा रही है। नवमी की सुबह समिति की तरफ से कन्या पूजन के साथ ही डांडियां का आयोजन किया जाता है।
अष्टमी और नवमी की रात होगी महाआरती-शहर के सकलेनाबाद के श्री श्री दुर्गा पूजा समिति दुर्गा मंदिर, सकलेनाबाद स्थित पंडाल में दुर्गा प्रतिमा का सप्तमी की सुबह ही विधि विधान प्राण प्रतिष्ठा किया गया। अध्यक्ष विनित तिवारी ने बताया कि, अष्टमी और नवमी की रात सात बजे महाआरती और दशमी की सुबह 10 बजे सामूहिक हवन किया जाएगा।