गुरु पूर्णिमा पर बुधवार को जिले के मठों, आश्रमों और मंदिरों में आस्था और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गुरु का पूजन कर उनके चरणों में मत्था टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन, प्रवचन, प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शहर के पोस्ता घाट स्थित प्राचीन मठ में दोपहर से शुरू हुआ कार्यक्रम देर रात तक चला। श्रद्धालुओं ने गुरु के चरणों में श्रद्धा स्वरूप प्रसाद अर्पित किया।
नवाबगंज, नवाब साहब का फाटक, रुईमंडी, जमलापुर, झंडातर, उर्दू बाजार, रायगंज, तुलसी का पुल और मुगलपुरा समेत विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
वहीं, क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान स्थित आश्रम में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां भजन-कीर्तन और प्रवचन के माध्यम से गुरुजनों ने शिष्यों को आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया। दिव्य लोक आश्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ : करंडा। तुलसीपुर स्थित दिव्य लोक आश्रम में गुरु पूर्णिमा श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाई गई।
सुबह से ही श्रद्धालु शिवपूजन बाबा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे। आश्रम में भजन-कीर्तन, हवन, गुरु वंदना और प्रवचन का आयोजन हुआ।
आश्रम के सचिव राजेश चौबे ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 12 क्विंटल बेसन से महाप्रसाद तैयार कराया गया, जिसका वितरण श्रद्धालुओं में किया गया।
गाजीपुर के अलावा चंदौली, आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी और बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।