गाजीपुर। जनपद में फोरलेन से लेकर हाईवे तक पर प्रतिदिन ई-रिक्शा फर्राटा भर रहे हैं, जबकि हाल ही में जिला सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठक में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने निर्देश दिए थे कि किसी भी कीमत पर फोरलेन व हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन न होने पाए। 11 दिन पहले करहिया के पास ताड़ीघाट-बारा मार्ग एनएच-124सी पर ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी थी। हादसे में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हैं।
जनपद में आठ हजार ई-रिक्शा परिवहन विभाग में पंजीकृत है। इनमें से करीब 15 प्रतिशत ई-रिक्शा हाईवे पर संचालित हो रहे हैं। सवारी से लेकर ई-रिक्शा संचालक सामान तक ढो रहे हैं, जबकि एक वर्ष में हाईवे पर ई-रिक्शा के कारण छह हादसे हो चुके हैं। जिनमें तीन मौत हो चुकी है। ई-रिक्शा चालक फोरलेन व हाईवे पर प्रतिदिन नियमों को रौंद रहे हैं। इससे सवारियों के जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
केस-एक
मरदह के पास वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन ई-रिक्शा सवारी भरकर फर्राटा भरते हुए नजर आए, जबकि फोरलेन पर भारी व चार पहिया वाहन तेज रफ्तार से सफर तय करते हैं। ऐसे में हमेशा हादसा होने की संभावना बनी रहती है।
केस-दो
गाजीपुर-जमानिया एनएच-97 पर मेदनीपुर के पास ई-रिक्शा दौड़ता हुआ नजर आया। ई-रिक्शा के अंदर सवारियां भरी हुई थीं तो ऊपर चौकी रखा हुआ था। यानी ई-रिक्शा पूरी तरह से ओवरलोड था। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
एक वर्ष में हुए हादसों का विवरण
-19 जून को करहिया के पास ताड़ीघाट-बारा मार्ग एनएच-124सी पर ट्रक व ई-रिक्शा की टक्कर, हादसे में आठ घायल
-19 मई, अवथही के पास एनएच-31 पर ई-रिक्शा से टक्कर होने पर बाइक सवार युवक की मौत
-3 नवंबर 2025, नंदगंज के पास फोरलेन पर ई-रिक्शा के पलटने से युवक की मौत
-19 जुलाई 2025, परजीपाह के पास कासिमाबाद-रसड़ा मार्ग पर कार-ई-रिक्शा की टक्कर में युवक की मौत
ईयरफोन लगाकर तो कोई स्टंट करते हुए चला रहे वाहन
अधिकांश ई-रिक्शा संचालक कम उम्र के होते हैं। इनमें कोई कानों में ईयरफोन लगाए रहता है, तो कोई पैर ऊपर करके ई-रिक्शा चलाता है। चालकों की यह लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ जाती है।
अधिक कमाई के चक्कर में ई-रिक्शा चालक हाईवे पर सामान व यात्री ढोने का कार्य करते हैं। इससे हमेशा हादसा होने की संभावना बनी रहती है।-ऋषि यादव, सुजानपुर
हाईवे पर भी चालक ई-रिक्शा को मनमाने तरीके से चलाते हैं। इससे अक्सर हादसा हो जाता है।- सुमित सिंह, बवाड़े
हाईवे पर ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाहिए। इनका संचालन केवल शहर व गांवों के अंदर होना चाहिए।-नन्हे सिंह, सेवराई
जिला प्रशासन हाईवे पर ई-रिक्शा के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा पाने में विफल साबित होता दिख रहा है।- संजय ठाकुर, भतौरा
जिलाधिकारी के निर्देश पर एक से 15 जुलाई तक दो चरणों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एक से सात जुलाई तक ई-रिक्शा चालकों को जागरूक कर नियमों का पालन करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में कार्रवाई की जाएगी।- धनवीर यादव, एआरटीओ
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से ई-रिक्शा लेकर जाता चालक। संवाद
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से ई-रिक्शा लेकर जाता चालक। संवाद
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से ई-रिक्शा लेकर जाता चालक। संवाद