गाजीपुर। नंदगंज के बरहपुर ग्राम सभा में शनिवार देर शाम सम्राट अशोक की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अशोक स्तंभ के समक्ष दीप, धूप व पुष्प अर्पण कर बुद्धधम्म और संघ वंदना किया गया। साथ ही मोमबत्ती जलाकर सम्राट अशोक के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अशोक सम्राटों के सम्राट थे। उन्होंने अपने जीवन काल में कई राज्यों को जीतकर मौर्य राज्य का विस्तार किया। मौर्य काल का भारत अफगानिस्तान तक था। सम्राट अशोक ने अपने शासनकाल में महाविद्यालयों को स्थापित कराने के साथ शिक्षा को भी बढ़ावा देने का काम किया था। कलिंग युद्ध के नरसंहार को देखकर उनका हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया। भारत सरकार ने तो अशोक स्तंभ को राष्ट्रीय चिन्ह के रूप में अपनाया लेकिन सम्राट अशोक के जयंती को भूल गए। प्रदेश सरकार और भारत सरकार को अन्य महान विभूतियों के जन्मदिन के अनुसार सम्राट अशोक के जन्मोत्सव को भी धूमधाम से मनाना चाहिए और सार्वजनिक अवकाश घोषित करना चाहिए।
कमलेश कुशवाहा ने कहा कि मौर्य समाज को अपना गौरवशाली इतिहास को नहीं भूलना चाहिए। युवा वर्ग को आगे बढ़कर समाज के उत्थान के लिए चलना पड़ेगा तभी देश समाज का लाभ हो सकता है। इस मौके पर भरत कुशवाहा, नगीना कुशवाहा, सूबेदार कुशवाहा, संजय कुशवाहा, मुसाफिर कुशवाहा, अमित,अरविंद कुशवाहा, बदल मौर्य, अभिषेक अरविंद गुप्ता, हरदेव कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा और राकेश मौर्य समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन अजय कुशवाहा तथा अध्यक्षता रामनरेश कुशवाहा ने किया।