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दिलदारनगर में फर्जी निजी अस्पतालों के जांच की मांग

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जिले के दिलदारनगर क्षेत्र में फर्जी एवं अवैध ढंग से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ गोपनीय जांच की मांग को लेकर शनिवार को नागरिक सेवा समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपा।
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संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट काशीनाथ ने कहा कि दिलदारनगर क्षेत्र में अवैध ढंग संचालित निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी सेंटरों और मेडिकल स्टोरों की जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
काशीनाथ ने बताया कि दिलदारनगर क्षेत्र में अस्पताल माफिया अपने एजेंटो के माध्यम से गांव देहात से लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज के नाम पर जबरदस्ती अवैध धनराशि उगाह लेते है। इस खेल में फर्जी पैथोलॉजी सेंटरों के संचालकों का भी बहुत बड़ा सहयोग होता है। फर्जी पैथोलॉजी सेंटरों द्वारा अस्पताल संचालकों से मिलीभगत कर छोटी बीमारी को भी बड़ी बीमारी बताकर गलत रिपोर्ट तैयार किया जाता है, और अस्पताल संचालकों द्वारा इलाज एवं आपरेशन के नाम पर अवैध धन उगाही की जाती है।
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दिलदारनगर में करीब दस ऐसे बड़े अस्पताल और नर्सिंग होम एवं ट्रामा सेंटर संचालित हो रहे है, जो बिना किसी डिग्री वाले चिकित्सकों के हैं। जो मानकों पर नहीं है बावजूद इसके सैकड़ों आपरेशन रोज होता है। जो क्लीनिकल एस्टेब्लिस्मेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट 2010 के मानक के अंतर्गत नहीं आता है। उनके अस्पताल, नर्सिंग होम के ऊपर लगे बड़े-बड़े फ्लैक्स बोर्ड पर तमाम बाहरी, झूठे एवं फर्जी चिकित्सकों का नाम एवं उनकी डिग्रीयां लिखकर लोगों को भ्रमित किया जाता है। इस संबंध में डीएम ने दिलदानगर में अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों, पैथोलॉजी सेंटरों और मेडिकल स्टोरों की जल्द ही सीएमओ से जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
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