दीपक राजभर हत्याकांड में पकड़े गये आरोपी। संवाद
गाजीपुर/कासिमाबाद। कोतवाली क्षेत्र के बेलसड़ी और गेहूड़ी गांव के बीच देई मां मंदिर के पास करीब एक महीने पहले दीपक राजभर हत्याकांड का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। दीपावली के मेले में नाच बंद कराने व मारपीट के पीछे दीपक का हाथ होना समझ हत्या की थी। बेलसड़ी गांव के रामनिवास फौजी व धनंजय राजभर ने हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, चोरी की बाइक, दो मोबाइल बरामद करने के साथ ही 50 हजार इनामी विशाल यादव, सौरभ यादव व धनंजय राजभर को गिरफ्तार किया है।
कोतवाल राजनारायण ने बताया कि बीते 11 जनवरी को बेलसड़ी और गेहूड़ी गांव के बीच देई मां मंदिर के पास हत्यारों ने दीपक राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस टीम जुटी हुई थी। चेकिंग के दौरान चोरी की बाइक पर सवार 50 हजार के इनामी दुल्लहपुर थाना शंकरपुर निवासी विशाल यादव उर्फ छोटक और शहर कोतवाली के कौवाभारी बीकापुर निवासी सौरभ यादव को गिरफ्तार कर लिया।
दाेनों से पूछताछ में पता चला कि बीते अक्टूबर में दीपावली पर बेलसड़ी गांव में मेला लगा था। जिसमें रात में नाच का कार्यक्रम था। इस दौरान झगड़ा व मारपीट से दीपक राजभर के दोस्त ने नाच बंद करा दिया था। इसके करीब चार-पांच दिन बाद दीपक के दोस्त ने रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर की पिटाई की थी।
आरोपियों को नाच बंद कराने व मारपीट के पीछे दीपक हाथ होना समझ में आया और रामनिवासी राजभर फौजी और धनंजय राजभर के कहने पर हत्यारोपी विशाल यादव और सौरभ यादव ने अपने साथी करंडा के मलाहपुरवा संदेश चौधरी, चाड़ीपुर मठिया निवासी जसवंत यादव उर्फ प्रद्युम्न और कोटिया धरम्मरपुर निवासी अभिषेक यादव उर्फ गोलू के साथ मिलकर दीपक राजभर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस टीम बेलसड़ी गांव निवासी हत्यारोपी धनंजय राजभर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार हत्यारोपी विशाल यादव, सौरभ यादव और धनंजय राजभर की निशानदेही पर बेलसड़ी गांव के देई मां मंदिर के पास से हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल, दो कारतूस बरामद किया गया। कोतवाल राजनारायण ने बताया कि तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फौजी के घर रूके थे बदमाश, की थी रेकी : कोतवाल राजनारायण ने बताया कि दीपक हत्याकांड का मुख्य आरोपी बेलसड़ी गांव निवासी रामनिवासी फौजी के घर पर ही बदमाश रूके थे। आरोपियों ने हत्याकांड से करीब चार- पांच दिन पूर्व ही डेरा डाला था। इसके बाद रेकी शुरू कर दी थी। आरोपी दीपक राजभर की हत्याकर भाग गए थे। इस हत्याकांड के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।