एसओ के अनुसार कड़ाई से पूछताछ में दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड सामने आए। आरोपियों ने बनारस में भी कई घटनाएं करने की बात स्वीकार की। इसके बाद विशाल यादव उर्फ छोटका यादव की निशानदेही पर दीपक राजभर की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और दो कारतूस वेलसड़ी गांव के देवी माई मंदिर के पास से बरामद किए गए।
एसओ का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने 11 जनवरी की रात गेहूंडी चक मार्ग पर दीपक राजभर (26) की सीने और कनपटी में गोली मारकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। घटना के बाद मृतक के पिता रामअवतार राजभर ने मुकदमेबाजी की रंजिश में अभिषेक उर्फ टुनटुन राजभर, भिखारी राजभर सहित अन्य के खिलाफ साजिश के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।