दीनबंधु के घर पर जुटे लोग।
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दीनबंधु का शव गांव पहुंचते ही पत्नी नेहा, मां हीरा देवी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बड़े भाई जयप्रकाश यादव ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए दीनबंधु घर से दूर नौकरी करने गए थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस तरह लौटेंगे।
दीनबंधु की शादी करीब छह वर्ष पहले सोनाडी गांव निवासी नेहा से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां आर्या व शिया हैं। रामपुर गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़े भाई जयप्रकाश यादव ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद रहे। परिवार का कहना है कि कमाने वाले सदस्य की असामयिक मौत से उनके सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है।