इसे बिजली विभाग की उदासीनता कहें या लापरवाही कि नगर के विभिन्न मोहल्लों में सड़क के ऊपर से गुजर रहे तार काफी नीचे हैं, स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में महज दस फीट की ऊंचाई पर तार दौड़ाए गए हैं, ऐसे में बड़े वाहनों के
गुजरने पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि इन सड़कों के ऊपर तार के रूप में मौत दौड़ रही है, जो कभी भी किसी को अपने आगोश में ले सकती है। संभावित खतरे को लेकर स्थानीय लोगों ने
विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। शहर के महुआबाग-सकेनाबाद मार्ग पर सुबह के लेकर देर रात तक आवागमन का दबाव रहता है। इस मार्ग से निजी सहित
स्कूलों के वाहन आते-जाते रहते हैं। इस मार्ग पर महुआबाग चौराहा के पास बिजली का तार करीब दस फीट की ऊंचाई से गुजरा हुआ है। इसकी वजह से खतरा बना हुआ है। छोटे चारपहिया वाहन तो इस तार की नीचे से निकल जाते हैं लेकिन
अगर बस या ट्रक गुजरेंगे तो तार की जद में आ सकते हैं। तार के नीचे से गुजरने वाली स्कूलों की मिनी बसें तार के काफी करीब से निकलती हैं। ऐसे में हर समय खतरे की आशंका बनी हुई है। नागरिकों ने विभागीय अधिकारियों का
ध्यान आकृष्ट कराते हुए तार को ऊपर करवाने की मांग की है, जिससे संभावित किसी दुर्घटना से बचा जा सके।
शहर के महुआबाग में एलटी तार के काफी नीचे से गुजरने की बात संज्ञान में है। दो सप्ताह में इस्टीमेट पास कराकर तार को ऊपर किया जाएगा। साथ ही आसपास के जर्जर तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा।
- अकबर अली, जेई प्रकाश नगर उपकेंद्र