आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। गांव के मल्लाहों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों को बाहर निकाला लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। किशोरों के शव देख परिजन दहाड़े मारकर रोने बिलखने लगे। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम को भेजने की तैयारी में जुट गई। ग्रामीणों और परिजनों के मना करने के बाद पंचनामा कर शव सुपुर्द कर दिया। इधर शादी की खुशियां परिवार के सदस्यों के करूण-क्रंदन से मातम में बदल गई। दरवाजे पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ बिलख रहे परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराने में जुटे हुए रहे।