सेमरा एवं शिवरायकापुरा के कटान पीडि़तों द्वारा प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर ध्यान न देने पर आक्रोश प्रकट किया गया। वक्ताओं ने बैठक में कहा कि प्रशासन की लापरवाही से विस्थापित कैम्प में ठंड लगने से पिछले सप्ताह सिमरिखी देवी और चंद्रशेखर की मौत हो गई।
जूनियर हाईस्कूल स्थित राहत कैम्प में शुक्रवार को हुई बैठक में गांव बचाओ आंदोलन के संयोजक प्रेमनाथ गुप्त ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से 31 जुलाई को शासनादेश किया गया कि कटान से विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए एक बिस्वा जमीन दी जाएगी, लेकिन दो वर्ष से कटान पीडि़त तकलीफ का जीवन जी रहे हैं।
अंत में निर्णय लिया गया कि 2 फरवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो उसी दिन से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर श्रीनारायण, काशीनाथ उपाध्याय, शिवमुनि, अमरनाथ, रामनाथ, मुन्ना दुबे, ईश्वरचंद पटेल, राजेंद्र पाल, बृजकिशोर उपस्थित थे।