बाजार के तिराहे पर सोमवार की देर रात शार्टसर्किट से मोबाइल की दूकान में आग लग गई। आग ने अगल-बगल स्थित तीन अन्य दूकानों को भी अपने आगोश में ले लिया।
आग की वजह से वहां अफरातफरी मच गई। दमकल की 5 गाड़ियों ने लोगों के सहयोग से सात घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में जहां लाखों का सामान जलकर नष्ट हो गया, वहीं काशी-गोमती बैंक की फर्श गर्म होकर क्षतिग्रस्त हो गई।
बाजार के तिराहे पर देवचंद प्रजापति की मोबाइल एवं इलेक्ट्रनिक्स की दूकान है। सोमवार की रात वह दूकान बंद कर चौहान मार्केट स्थित अपने घर चला गया। रात करीब 1 बजे शार्ट-सर्किट से उसकी दूकान में आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने बगल में स्थित रंजीत साहू के कपड़े के गोदाम और नायकडीह निवासी सराफ की दूकान को भी अपनी आगोश में ले लिया।
गश्त कर रहे पुलिस कर्मी महेश ने सबसे पहले आग देखी। उसने तुरंत दमकल कर्मियों को सूचना देते हुए थाना को घटना से अवगत कराया। इसके बाद आग लगी दूकानों के अगल-बगल के मकानों के लोगों काे जगाया।
आग की जानकारी होते ही वहां अफरातफरी मच गई। लोगों ने फोन कर बिजली आपूर्ति बंद करवाई। जिनकी दूकानों से आग की लपटें उठ रही थी, वह लोगों के सहयोग से आग बुझाने में जुट गए ।
करीब ढाई बजे दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई, लेकिन कुछ ही देर में पानी खत्म होने से उसे पानी भरने के लिए जाना पड़ा।
एक के बाद एक फायर की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और बाजारवासियों के सहयोग से सात घंटे बाद सुबह 7 बजे आग पर काबू पाया। आग से काशी-गोमती ग्रामीण बैंक की छत क्षतिग्रस्त हो गई।
पीड़ितों के अनुसार आग में देवानंद प्रजापति का 10 लाख, अजय साहू का 50 लाख, रंजीत साहू का 5 लाख और सराफ सोनू का करीब 10 हजार का नुकसान हुआ है।