ताड़ीघाट के पास स्थित तटबंध। संवाद
सुहवल। क्षेत्र के ताड़ीघाट निषाद बस्ती के पास गंगा किनारे जर्जर हो चुके तटबंध के पुनरुद्धार का कार्य पांच लाख की लागत से मंगलवार से शुरू हो गया है। इसका उद्देश्य इलाके को बाढ़ और जलभराव की समस्या से राहत दिलाना है। पुनरुद्धार के प्रथम चरण में तटबंध पर लगे पुराने और क्षतिग्रस्त लोहे के भारी-भरकम गेट को हटा दिया गया है। गेट के स्थान पर एक नया और मजबूत गेट लगाया जाएगा, जिससे बाढ़ के दौरान पानी के दबाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
सिंचाई विभाग की कोशिश है कि तटबंध के पुनरुद्धार का पूरा कार्य मानसून से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाए। आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में तटबंध की दीवार का भी नवनिर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार तटबंध में रिसाव के कारण 30 गांवों के सैकड़ों बीघे कृषि क्षेत्र प्रभावित होता रहा है। जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचता था, इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ता था। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विवेक चौरसिया ने बताया कि पुराने जर्जर लोहे के गेट को हटाकर उसकी जगह नया गेट लगाया जाएगा। तटबंध के पुनरुद्धार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है और इसे मानसून शुरू होने से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा।