भीमापार। सैदपुर विकासखंड के अनौनी गांव स्थित एक तालाब पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है। हालत यह है कि करीब 10 बिस्वा में पानी से लबालब रहने वाला तालाब अब महज एक डेढ़ बिस्वा में सिमट कर रह गया है। वह भी हमेशा आस-पास के कईं मकानों से निकलने वाले गंदे पानी और कीचड़ से भरा रहता है।
तालाब पर कब्जेदारों की दबंगई भी ऐसी कि कोई शिकायत करने का साहस भी न कर सके। अनौनी गांव के सुदामा प्रसाद, नवल शर्मा, अंबिका प्रसाद पांडेय एवं शमशेर सिंह ने कहा कि कभी इस तालाब से खेतों की सिंचाई होती थी। लेकिन आज यह तालाब अपने ही गांव के दबंग अतिक्रमणकारियों का शिकार हो गया है। अब इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।
इन ग्रामीणों ने बताया कि अनौनी गांव के दूसरे सार्वजनिक तालाबों का भी कमोबेश यहीं हाल है। गांव के विजय प्रकाश पांडेय ने कहा कि तीन साल पहले तालाब की जमीन को नाप कर उसे चिह्नित करने संबंधी प्रार्थना पत्र स्थानीय अधिकारियों को दिया गया था, लेकिन कभी सैदपुर तहसील प्रशासन ने आज तक तालाब का मौका मुआयना करने की भी जरूरत नहीं समझी। पूर्व प्रधान राजू सिंह ने बताया कि गांव के पूर्वी छोर पर स्थित एक बड़े पोखरे पर भी दबंगों का कब्जा है। दबंगों ने उसे अपने सहन में मिला लिया है। वहीं गांव के पश्चिमी छोर पर स्थित तालाब अब अपने भाग्य को ही कोसने लगा है। गांव के प्रधान पति लालधारी राजभर ने कहा कि गांव के सारे तालाबों को सीमांकन कराए जाने की जरूरत है। अगर जल्द ही इन्हें दबंगों के कब्जे से मुक्त नहीं कराया गया तो इन तालाबों का तो अस्तित्व ही मिट जाएगा।
बरसात खत्म होते ही अतिक्रमित तालाब का सीमांकन कराकर उसे कब्जेदारों से मुक्त कराया जाएगा। फिर मनरेगा के तहत उसका सुंदरीकरण होगा।
- दिनेश कुमार मौर्य, खंड विकास अधिकारी, सैदपुर