बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। पिछले एक हफ्ते से अघोषित बिजली कटौती के बीच मंगलवार की सुबह आठ बजे से गई बिजली बुधवार की शाम साढ़े छह बजे 34 घंटे बाद बहाल हो सकी। कटौती से नाराज लोगों ने मंगलवार की रात में प्रकाशनगर विद्युत उपकेंद्र पर धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र के वाहन को रोककर अपना विरोध जताया।
मंत्री ने तत्काल अनापूर्ति के संबंध में एमडी से वार्ता करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने और जल्द से आपूर्ति शुरु कराने का लोगों ने आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए।बिजली विभाग की तरफ से लटके खंभों और ढीले तारों को टाइट कराने के लिए मंगलवार की सुबह आठ बजे प्रकाशनगर और पीरनगर विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति ठप कर दी गई।
जेई अकबर अली ने समाचार पत्रों के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह जानकारी दी कि शाम को छह बजे आपूर्ति शुरू हो जाएगी, लेकिन कुछ विभागीय अधिकारियों ने एक प्रापर्टी डीलर की भूमि से खंभा और तार हटाने के चक्कर में कुछ नया खंभा लगवा दिया। मंगलवार रात दस बजे तक आपूर्ति शुरू नहीं हुई और इसी बीच लगाया गया खंभा भी गिर गया, जिससे काम पूरी तरह से ठप हो गया।
नया खंभा लगाए जाने की जानकारी उच्चाधिकारियों को होते ही उनमें खलबली मच गई। अधीक्षण अभियंता सहित अन्य अधिकारी कार्यस्थल बीकापुर पहुंच गए। सुबह से लेकर रात तक बत्ती गुल रहने से नाराज लोग प्रकाशनगर विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए और हो-हल्ला करने लगे। इसी बीच वाराणसी से कार से आ रहे धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र के वाहन को लोगों ने रोक लिया।
बुधवार की शाम साढ़े छह बजे आपूर्ति सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।