रेवतीपुर थाना क्षेत्र के टौंगा गांव निवासी शिक्षामित्र सुभाष यादव (35 वर्ष) की मंगलवार की रात केबिल के तार से करेंट लगने से उसकी मौत हो गई। उधर उसके भाई सौरभ ने थाने में तहरीर दी है कि शिक्षक पद से समायोजन रद होने के बाद सुभाष दुखी था। इसके बाद वेतन भी रोक दिया गया। इस पर सुभाष ने आत्महत्या कर ली।
टौंगा गांव निवासी सुभाष यादव रेवतीपुर के लखमीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर लगभग दस वर्षों से तैनात था। सरकार के नए आदेश के क्रम में उसका शिक्षक पद पर समायोजन हो गया। इसी बीच हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन रद होने के बाद से सुभाष खोया-खोया रहने लगा। परिवार वालों ने बताया कि रोज की तरह बीती रात भी सुभाष खाना खाया। रात लगभग दस बजे यह कहकर घर से निकला कि अभी आ रहा हूं।
जब काफी देर बाद भी वह घर नहीं लौटा तो परिवार के लोग परेशान हो गए और खोजबीन करने लगे, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस पर उन्होंने सोचा कि शायद वह कहीं गया होगा और सुबह आ जाएगा। बुधवार की सुबह जब ग्रामीण काली मंदिर की तरफ गए तो देखा कि मंदिर में जाने वाले बिजली के केबिल से सुभाष का हाथ सटा है और वह मृत पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार सहित ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही रेवतीपुर थानाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद पांडेय पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी लेने के बाद शव को कब्जे में ले लिया।
इस संबंध में मृतक के भाई सौरभ यादव ने थाना में तहरीर दी। तहरीर में बताया है कि सरकार के फैसले से सुभाष काफी चिंतित था। इसी वजह से उसने आत्महत्या की है।
सुभाष यादव की मौत की जानकारी होते ही शिक्षामित्रों सहित उसके शुभचिंतकों का घर पर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। वहां पहुंचे शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने कहा कि सुभाष की मौत के लिए सीधे तौर पर पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है। हम अपनी लड़ाई आगे अब और मजबूत तरीके से लड़ेंगे।