त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब चिकित्साधिकारियों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्तूबर को पत्र भेजकर जिला मजिस्ट्रेट- निर्वाचान अधिकारी को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए यह निर्णय लिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कोई दिक्कत नहीं इसके लिए संयुक्त सचिव और राज्य निर्वाचन आयोग ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्साधिकारियों सहित अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की चुनावी ड्यूटी नहीं लगाई जाए। साथ ही उन्होंने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधीन जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों की पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाए जाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया है कि मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधीक्षक को जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में चुनावी ड्यूटी नहीं लगाई जाए। चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी लगने से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीन चरण समाप्त होने के बाद शासन ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुध ली है। इससे पहले तीनों चरण में सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई थी। यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग के एनआरएचएम अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके राय को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सुपर जोनल मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके चलते विभाग की ओर से संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।