स्थानीय रेलवे स्टेशन के डाउन ट्रैक पर सोमवार की सुबह ठंड के चलते पटरी
चटक गई। इसकी जानकारी सुबह करीब 7:33 बजे हुई। उसके बाद ट्रेनों को
जहां-तहां रोक दिया गया और परिचालन प्रभावित रहा। बाद में ट्रेनों को काशन
के सहारे धीमी गति से गुजारा गया।
डाउन लाइन पर सोमवार की सुबह साढ़े
सात बजे 12295 संघमित्रा एक्सप्रेस गुजरी। उसके बाद पैनल रूम में ज्वाइंट
संख्या फोर टी सिग्नल लाल हो गया। उसके बाद पटरियों की जांच की जाने लगी।
स्टेशन के पास ही एक जगह पटरी फ्रैक्चर मिली। आशंका जताई जा रही है कि
संघमित्रा एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान ही पटरी चटकी होगी।
सिग्नल लाल
होने की जानकारी पैनल में कार्यरत कर्मचारी एसएस मनबोधन सिंह तो हुई तो
उन्होंने तत्काल सिग्नल विभाग को सूचना दी। इसके बाद कर्मचारी सिग्नल की
लाइन की जांच में जुट गए। कुछ समय बाद सिग्नल की लाइन ठीक पाई गई।
उसके
बाद सिग्नल के खराबी की सूचना पीडब्ल्यूआई को दी गई। इसके बाद पीडब्ल्यूआई
के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और रेल पटरी की जांच करने लगे। कुछ ही देर में
रेलकर्मियों को रेलवे कालोनी के ठीक सामने डाउन लाइन की पटरी चटकी देख कर
पटरी के दोनों तरफ क्लैंप लगा दिया।
उसके बाद सवा आठ बजे से काशन के सहारे
धीमी गति से ट्रेनों को गुजरना शुरू किया गया। पीडब्ल्यूई जमानिया के
निरीक्षक निर्मल ने बताया कि करीब नौ बजे के बाद मरम्मत का काम शुरू किया
गया। चटकी पटरी के स्थान पर नई पटरी लगाई गई।
इस बीच गाड़ियों को धीमी गति
से गुजारा जाता रहा। ट्रैक की खराबी से विक्रमशिला एक्सप्रेस, कामाख्या,
गांधी धाम एक्सप्रेस और ताड़ीघाट सवारी गाड़ी अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी
रहीं। बाद में उनको एक-एक करके गुजारा गया।