खेतों में गिरी फसल, किसानों की टूटी कमर, माथे पर चिंता और आंखों में आंसूगाजीपुर। जनपद में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में पकी फसल बर्बाद हो गई है। कई जगह धान की बालियां जमीन से चिपक गईं, तो कहीं सब्जियों की फसल सड़ने लगी है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें और आंखों में आंसु साफ झलक रहा है।
सिधागरघाट क्षेत्र में दो दिनों से जारी बारिश ने क्षेत्र के पाली, सिधागरघाट, महडौर, बरिहार, बेरुकही, साधापुर, कुसुम मुहम्मदपुर, मुहम्मदपुर टंडवा समेत कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचाया है। कटाई के बाद खेतों में पड़ी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। औड़िहार क्षेत्र में गोपालपुर, पटना, शादीभादी, सैदपुर, फुलवारी कला, देवचंदपुर, महमूदपुर, गैबीपुर, उसरहवापार, सेहमलपुर, करमपुर, चकिया, नेवादा, सिधरा, ताजपुर सहित कई गांवों में धान की फसलें पानी में लेट गईं। करीब 40 बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई है। लौकी, कोहड़ा, गोभी, कौंच, आलू जैसी सब्जियां भी प्रभावित हुई हैं। रातभर बिजली गुल रहने से दिक्कत और बढ़ गई। दुबिहां क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बरसात ने हरदासपुर, असावर, कमसड़ी, नेवादा, बखरियाडीह, गोविंदपुर, खडहरा, भठवा, सरेजा, पातेपुर, पैकवली, लालीडेरा, सेमरी आदि गांवों में लगभग दो हजार बीघा धान की फसल को प्रभावित कर दिया है। गहमर क्षेत्र में लगातार बारिश से भदौरा, बारा, करहिया सहित कई गांवों में धान की फसलें गिर गईं। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। सुहवल क्षेत्र में कटाई के लिए तैयार धान की फसलें बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में गिर गईं और सड़ने लगीं। पटकनिया निवासी रोहित सिंह ने बताया कि उनकी तीन बीघा फसल बारिश में बर्बाद हो गई है।
देवकली क्षेत्र में तीन-चार दिनों से सूरज की झलक न दिखने और बारिश जारी रहने से धान की खड़ी फसलें गिरकर जलभराव में डूब गईं। नंदगंज क्षेत्र में लगातार 18 घंटे की बारिश ने खेतों को तालाब में बदल दिया है। धान, आलू और सब्जियों की फसलें जलमग्न हैं। किसान रामाश्रय यादव ने कहा, हमारी कई दिनों की मेहनत पानी में बह गई, खेतों में इतना पानी है कि अब पशु भी नहीं जा पा रहे। जखनिया क्षेत्र में भुड़कुड़ा, हुसनपुर, सदर, जहांपुर, झोटना सहित आसपास के गांवों में बारिश से फसलें बर्बाद हो गईं हैं।