11 साल के लड़के ने ट्रक चोरी किया और लेकर भाग गया
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अब बिहार से सीमेंट की तस्करी की जा रही है। बिहार में वाणिज्य कर की दर आधी है। ऐसे में सीमावर्ती इलाकों कारोबारी वहां से सीमेंट लाकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं। इसके चलते वाणिज्य कर विभाग को रोजाना लाखों रुपये की चपत लग रही है। इसका खुलासा होने के बाद वाणिज्य कर विभाग के अफसरों के होश उड़े गए। इसके खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी हो रही है।
जिले की सीमेंट के थोक विक्रेताओं के यहां अचानक बिक्री बंद हो गई। दूकानदारों ने जब खरीददारी पूरी तरह से बंद कर दी तो थोक विक्रेताओं ने मामला पता करना शुरू किया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि रोजाना जिले में विभिन्न मार्गों से बिहार से कई सीमेंट लदे ट्रक आते हैं। स्थानीय दूकानदारों को इन्हीं के माध्यम से आपूर्ति दी जाती है। इस तथ्य के पता चलने के बाद थोक कारोबारियों में खलबली मच गई। तमाम फुटकर दूकानदार भी बिहार से ही सीमेंट मंगवा रहे हैं।
बिहार राज्य से आने वाली सीमेंट की खरीददारी दूकानदार प्रति बोरी 280 से 290 की दर पर करते हैं जबकि यहां प्रति बोरी कीमत 320 से 330 रुपये के बीच पड़ती है। वाणिज्य कर में अंतर के कारण कीमतों में यह कमी हो जाती है लेकिन इसे सूबे के वाणिज्य कर विभाग को रोजाना लाखों रुपयेकी चपत लग रही है।
थोक कारोबारियों ने जब वाणिज्य कर विभाग के अफसरों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया तो विभाग ने चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान छेड़ दिया। वाणिज्य कर असिस्टेंट कमिश्नर संतोष कुमार तस्करी की बात स्वीकार करते हुए कहते हैं कि उत्तर प्रदेश में 16.5 फीसदी वैट है जबकि बिहार करीब आठ प्रतिशत। ऐसे में मुनाफा कमाने के के लिए दूकानदार बिहार से सीमेंट मंगा रहे हैँ। उन पर नियंत्रण किया जाएगा। सीमेंट कंपनियां भी अपने तरीके से अभियान चला रही हैं।
एक सीमेंट कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर अरविंद सिंह ने बताया कि थोक विक्रेताओं से शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच की गई। जांच के दौरान बिहार राज्य से पिकअप पर लादकर लाई जा रही सीमेंट की गाड़ियां पकड़ी गई हैं।