नंदगंज (गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के सिहोरी गांव के समीप तिलकधारी स्कूल के सामने बीते दिनों सराफ की गोली मारकर हत्या और लूट के मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना के खुलासे को पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा ने दो टीमें गठित की हैं। टीम अब तक आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर दबिश देकर सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उधर नंदगंज बाजार के कारोबारियों में दहशत कायम है।
बीते शुक्रवार की देर शाम बाइक सवार तीन लुटेरों ने सराफ विनोद कुमार बर्नवाल की सिरगिथा बाजार स्थित दुकान से घर लौटते समय बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी और सोने-चांदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। दूसरे दिन शनिवार को नंदगंज बाजार बंद रहा। कारोबारी प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी भी किए। बंदी के दौरान पहुंचे क्षेत्राधिकारी भुड़कुडा आलोक प्रसाद ने बहुत जल्द घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच दिन बीतने के बाद भी बदमाशों का सुराग नहीं मिला। इस मामले में मृतक के भाई प्रमोद बर्नवाल की तहरीर पर तीन अज्ञात लुटेरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार की शाम बाइक सवार तीन लुटरे सराफ विनोद कुमार बर्नवाल (30) को रोककर आभूषण और रुपयों का बैग छीनने लगे। विरोध करने पर बदमाशों ने विनोद को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद बैग व बाइक लूटकर भाग निकले थे। लूट की वारदात सिहोरी गांव के समीप शादियाबाद मार्ग पर हुई थी। घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और पूरी रात जगह-जगह छापेमारी करती रही। उस दिन से लेकर आज तक पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पाई है। कोई ठोस सबूत तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। घटना के वक्त विनोद के साथ उसके साढ़ू का बेटा हर्ष भी था। बदमाशों के बैग छीनने पर हर्ष ने भी उनका विरोध किया था।