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उसियां गांव में बवाल के बाद ग्रामीणों में दहशत, बाजार बंद

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दिलदारनगर। रविवार को दिन के साढ़े बारह बज रहे थे। उसिया गांव में सबकुछ सामान्य था। तीखी धूप और लू से बचने केे लिए लोग अपने-अपने घरों में दुबके थे। इसी बीच एकाएक पुलिस के हूटर बजने लगे। एक साथ पुलिस की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों और अधिक संख्या में पुलिस कर्मियों को देखकर ग्रामीण हक्का-बक्का रह गए। पुलिस टीम सीधे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि युसूफ खां के घर पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूरे गांव में अशांति का माहौल पैदा हो गया। उपद्रव के बाद पुलिस अधिकारियों ने वीडियो से देर रात तक 50 से अधिक लोगों की पहचान कर ली थी। जबकि अन्य अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है।
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हुआ कुछ यूं कि रविवार को पुलिस कार्रवाई की सूचना ग्रामीणों के कानों तक जैसे ही पहुंची, लोग उल्टे पांव दौड़ पड़े और पुलिस के वाहनों को चारो तरफ से घेर लिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को न छोड़ने पर पथराव शुरू कर दिया। कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन पुलिस ने हिम्मत से काम लिया और आरोपी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को पकड़कर थाने ले आई। इसके बाद उसिया से दिलदारनगर तक ग्रामीणों ने जमकर उपद्रव मचाया और पूरे इलाके को अशांत कर दिया। कई जगह तोड़फोड़ की और जाम लगाया। रास्ते में पड़ने वाली दुकानें, बाजार और चट्टी पूरी तरह बंद हो गई। चहुओर दिन में ही सन्नाटा छा गया।
जानकारों की माने तो एक सप्ताह पूर्व उसिया गांव में हुए बवाल के बाद रविवार को जमानियां तहसील मुख्यालय पर सीओ कुलभूषण ओझा के नेतृत्व में सर्किल के सभी थानाध्यक्षों की मीटिंग की गई। इसके बाद एक योजना के तहत पुलिस टीम वहां से सीधे उसियां गांव पहुंची। पुलिस टीम पूरी तैयारी के साथ गांव में पहुंची थी। कई थानों की फोर्स भी मौजूद थी। लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के आगे पुलिस नतमस्तक दिखी। उसिया गांव में बवाल के बाद पुलिस कार्रवाई से नाराज ग्रामीण भीड़ की शक्ल में दिलदारनगर थाने पहुंचे, उस समय ग्रामीणों की संख्या 40 से 50 थी। तब पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद बड़ी नहर पुलिया रेलवे क्रासिंग चौमुहानी पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। वहां धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई। उपद्रवियों ने चौमुहानी पर कई दुकानो में तोड़फोड़ की। दहशत पैदा करने के लिए कई घरों में पथराव भी किया। उनके उपद्रव से भयभीत दुकानों और घरों के खिड़की दरवाजे धड़धड़ बंद होने लगे। दुकानदार वहां से जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान कुछ युवाओं ने उपद्रव का फोटो तथा मोबाइल में वीडियो बनाना चाहा तो उनको भी मारा-पीटा गया। कई मोबाइलों को भी उपद्रवियों ने तोड दिया और कुछ को छीन लिया। घरों के ऊपर से वीडियो बनाने वालों के घरों पर पथराव किए गए। कुल मिलाकर उसियां से लेकर दिलदारनगर तक दोपपर से शाम तक अशांति फैली रही। लोग भयवश घरों में दुबके रहे। इसके बाद सायंकाल पुलिस ने नगर में चक्रमण किया, तब जाकर माहौल शांत हुआ। घटना के बाद एसपी के निर्देश पर तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें 50 से अधिक लोगों की पहचान कर ली गई है और सैकड़ों लोग अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। देर रात पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।
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इनसेट...
पुलिस की गाड़ी देख भीड़ खदेड़ा
दिलदारनगर। उपद्रव के बाद बड़ी नहर पुलिया रेलवे क्रासिंग चौमुहानी पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तोड़फोड़ कर रहे थे। लोग उसियां गांव के प्रधान रूबी के पति युसूफ खां को तत्काल छोड़ने की मांग पर अड़े थे। इसी बीच दिलदारनगर से एक पुलिस की गाड़ी जिला मुख्यालय की तरफ जाते हुए दिखाई दी। ग्रामीणों की भीड़ पुलिस की गाड़ी को घेरने के लिए टूट पड़े। लेकिन चालक की चालकी से पुलिस की गाड़ी और उसमें मौजूद पुलिस कर्मी सुरक्षित बच निकले।
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