मनिहारी। एक बिस्वा जमीन को लेकर दो सालों से चली आ रही अदवात आखिरकार युवा अर्जुन को मौत की नींद सुला दिया। जमीन की रार ने दोनों परिवारों को अशांत कर दिया है। एक पक्ष ने अर्जुन जैसे होनहार को हमेशा के लिए खो दिया, तो दूसरे पक्ष के पुरूष सदस्यों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है। वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश पुलिस की लिखित परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास अर्जुन को केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना था। लेकिन उसे क्या पता था कि जमीनी विवाद उसके मौत का कारण बन जाएगी ?
शादियाबाद थाना क्षेत्र के सिधार खुर्द गांव निवासी लालजी यादव के तीन पुत्रों में दूसरे स्थान का अर्जुन यादव काफी होनहार होने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता था। बीते वर्ष 2015 की उत्तर प्रदेश प्रवेश परीक्षा परिणाम में बेहतर स्थान लाया था। अब सिर्फ मेडिकल परीक्षण ही बाकी था। लेकिन अपने बड़े पिता महेंद्र यादव से जमीनी विवाद चल रहा था। दो साल से चल रहे विवाद में दोनों परिवारों में मारपीट तक हो चुकी थी और इसमें मृतक घायल हो चुका था। सिर्फ विवाद था अपनी जमीन से चकरोड तक रास्ता निकालना। इससे दोनों परिवारों को आने-जाने में सहुलियत होती। इस विवाद को सुलझाने के लिए रिश्तेदार और ग्रामीण भूमि की सीमांकन कर रहे थे। लेकिन मृतक इससे दूर पेड़ पर बैठककर मोबाइल एप के सहारे प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों में लगा था। इसी बीच उसके चचरे भाई द्वारा फावड़े से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद तो मानो पूरे परिवार और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। घटना के दूसरे दिन भी मातमी सन्नाटा फैला हुआ था।