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चार वर्ष बाद खुला प्रयोगशाला सहायक का फर्जीवाड़ा

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गाजीपुर। चार वर्षो तक स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़ा कर राजकुमार सिंह प्रयोगशाला सहायक के रूप में बना रहा। एक माह पूर्व कासगंज जनपद के पटियाला थानाध्यक्ष फर्जीवाड़ा का साक्ष्य जुटाने आए थे। फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपी कासगंज कारागार में डेढ़ माह से निरूद्ध है। इस मामले का खुलासा बीते 28 जुलाई को सीएचसी सैदपुर पहुंची कासगंज की पुलिस के आने के बाद हुआ।
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सीएचसी के कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात आत्मानंद त्रिपाठी के करीब चार माह से अनुपस्थित रहने की दशा में पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। एसीएमओ डॉ. आरके सिन्हा ने बताया कि फर्रूखाबाद जनपद के कपिल थाना क्षेत्र के अहवलपुर गांव निवासी राजकुमार फर्जी तरीके से हथरस जनपद के जैतई स्थित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से स्थानातंरण प्रमाण पत्र गाजीपुर सीएमओ को भेजकर बीते 20 दिसंबर 2006 को कासिमाबाद में प्रयोगशाला सहायक के पद पर तैनात हो गया। इसके बाद वह वर्ष 2008 में अपना स्थानांतरण सैदपुर कराकर खानपुर थाना क्षेत्र के अनौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रयोगशाला सहायक के पद पर तैनात रहा। जब इसकी जांच वर्ष 2010 में कराई गई तो इसकी नियुक्ति पूरी तरह से फर्जी मिली। इसके बाद फर्जी प्रयोगशाला सहायक का वेतन रोककर शासन को पत्र विभाग की ओर से भेज गया। इसके बाद वह गायब हो गया। जांच के बाद शासन के निर्देश पर बीते वर्ष 2013 में खानपुर थाने में उस पर मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध सैदपुर सीएचसी के अधिकारियों द्वारा किया गया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुआ था। इस संबंध में सीएमओ डॉ. गिरीश चंद्र मौर्या ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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