भांवरकोल थाना क्षेत्र के माढ़ूपुर गांव स्थित रामजानकी मंदिर से तीन माह पहले लुटरों ने पांच देवों की अष्टधातु मूर्ति लूटने के साथ ही पुजारी को मारपीटकर घायल कर दिया था। पुजारी की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले मेें पुलिस ने छह नवंबर की शाम एक आरोपी संदीप राय को पकड़ा। हालांकि शालिग्राम और लक्ष्मण की मूर्ति अभी बरामद नहीं हुई है। दो आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पुजारी हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि बीते 18 जुलाई की देर रात लुटरों ने रामजानकी मंदिर के गर्भगृह से राम-जानकी, लक्ष्मण, शालिग्राम की अष्टधातु और हनुमान की चांदी की मूर्ति लूट ली थी। विरोध करने पर लुटेरों ने पुजारी विजय राघव दास को मारपीट कर घायल कर दिया था। पुजारी की मौत के बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगाई गई थी। सोमवार की देर शाम थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि पुजारी की हत्या व लूट में शामिल आरोपी सलारपुर पोखरा के पास खड़े हैं। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कुंडेसर गांव निवासी संदीप राय उर्फ बबुआ को पकड़ा। उसके पास से मिले बोरे से लूटी हुई चांदी का एक चम्मच, चांदी का गिलास, पूजा की थाली एवं एक कटोरी और चढ़ावा के फुटकर सिक्के 96 रुपए बरामद हुए। जबकि दो आरोपी दीपक राय उर्फ डब्बू और मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के बकसपुरा गांव निवासी विकास यादव भाग निकले। पुलिस अधीक्षक ने टीम को 5 हजार नगद इनाम देने की घोषणा की।
इनसेट
ग्रामीणों की नहीं पूरी हुई मांग
भांवरकोल। पुजारी की मौत पर माढ़ूपुर के ग्रामीणों ने मंदिर में शव रखकर धरना शुरू कर दिया था। मौके पर पहुंचे तत्कालीन डीएम संजय खत्री और एसपी सोमेन वर्मा को अपना तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। इस पर तत्कालीन डीएम ने पुजारी के परिजनों को मुआवजा शासन से दिलाने और एसपी ने मंदिर पर पुलिस की तैनाती करने का आश्वासन दिया था। मंदिर की चहारदीवारी बनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक से भी गुहार लोगों ने लगाई थी लेकिन तीनों मांगों को आज तक पूरा नहीं किया गया।