सुहवल (गाजीपुर)। देवरिया हत्याकांड के आरोपी युवक पर शनिवार की शाम को गौरा मोड़ पर स्थित पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा फायर झोंकने के मामले में पीड़ित ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया है। क्राइम ब्रांच की टीम पीड़ित से लगातार पूछताछ करने के साथ ही बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही।
अड़रिया गांव निवासी जनार्दन यादव का पुत्र दीपक यादव देवरिया हत्याकांड का आरोपी है। कुछ माह पहले जमानत पर रिहा होकर बाहर आया है। रविवार की शाम करीब पांच बजे वह गौरा मोड़ पर स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरा कर जैसे ही निकला था, वहां पहले से खड़े बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से उस पर दो गोलियां चलाई थी, लेकिन वह बाल-बाल बच गया था। लोगों को अपनी तरफ आता देख बदमाश हवा में दो गोलियां दागते हुए रेवतीपुर की तरफ फरार हो गए थे। पीड़ित की सूचना पर तत्काल मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंच गए थे और मामले की छानबीन में जुट गए थे। इस मामले में पीड़ित ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच की टीम पीड़ित से मामले के संबंध में लगातार पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही बदमाशों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। बदमाशों को चिन्हित करने के लिए पुलिस पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखने की तैयारी कर रही थी। क्षेत्राधिकारी रामबहादुर सिंह ने कहा कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
सहमा हुआ है दीपक का परिवार
सुहवल। बदमाशों द्वारा जान से मारने की नीयत से दीपक पर फायर किया गया। यह संयोग ही रहा कि गोली उसे छूते हुए पेट्रोल पंप की दीवार से टकरा गई। इस घटना के बाद दीपक के परिवार के लोग पूरी तरह से सहम गए हैं।
रविवार की शाम इस घटना के बाद बड़ी संख्या में एक वर्ग विशेष के लोग देर रात तक थाने में जमे रहे। थाना पर पहुंचे कुछ ग्रामीण पुलिस पर दबाव बनाकर दीपक यादव को अपने साथ ले जाने के लिए लगे रहे, लेकिन जब परिजनों को इस बात की जानकारी हुई तो उनके मन में तरह-तरह की शंका उठने लगी तुरंत परिवार के लोग थाना पहुंच गए। पुलिस से एक वर्ग विशेष के लोगों के साथ दीपक को ले जाने को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद प्रशासन ने दीपक के परिजनों के आग्रह पर बाहर से आए एक वर्ग विशेष के लोगों को थाना से हटा दिया। इसके बाद पुलिस ने पूरे घटना की जानकारी क्राइम ब्रांच को दी। क्राइम ब्रांच दीपक एवं उसके परिजनों से काफी देर तक पूछताछ करती रही। इसके बाद उसे साथ लेकर जिला मुख्यालय पर चली आई। इधर दीपक के परिजन किसी भी अनहोनी की घटना को लेकर सशंकित नजर आ रहे हैं।