करीब छह साल बाद एक बार कई प्रदेशों में कोरोना केस सामने आए हैं। जिले में कोरोना से निपटने के लिए कोविड वार्ड, एलएमओ (लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट) और अन्य चिकित्सकीय उपकरण दुरुस्त किए जा रहे है। कोविड महामारी के पहले चरण और दूसरे चरण ने लोगों को घरों में कैद करने के साथ आम जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया था। दूसरे चरण में मरीजों और मौत के आंकड़ों ने दहशत में डाल दिया था।
तत्कालीन जिलाधिकारी एमपी सिंह ने जांच अभियान चलाया। असर यह रहा कि जिले में कोविड प्रभावित मरीजों एवं मौत के आंकड़ों में कमी आई। इसके बाद शासन की ओर से प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर कोविड वार्ड के साथ जांच के लिए ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित कराने का कार्य शुरू हुआ। अब तक 15 पीएचसी में 20 बेड के कोविड वार्ड स्थापित हो चुके हैं।
19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह बेड के कोविड वार्ड बनाए गए हैं। वहीं 11 सीएचसी पर जांच के लिए ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित है। अभी तक मुहम्मदाबाद और भदौरा सीएचसी ऑक्सीजन प्लांट नहीं लग पाया है। एसके पांडेय, सीएमओ गाजीपुर ने बताया कि अस्पतालों में कोविड वार्ड लगभग पूर्ण हो चुके हैं। जांच के लिए 11 जगहों पर ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट स्थापित हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी संचालित है।