अपर सत्र न्यायाधीश चंद्र गुप्त की अदालत ने मिलावटखोरी के मामले में दोषी पाए जाने पर मरदह थाना क्षेत्र के कोड़री गांव निवासी दूकान संचालक शंकर साहू और जंगीपुर स्थित शिवम ब्रांड नमकीन फर्म के संचालक लालजी गुप्ता को एक-एक साल का कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों पर यह कार्रवाई बीते 27 जुलाई को हुई। कोर्ट द्वारा की गई कार्रवाई के बाद मिलावटखोरों में दहशत व्याप्त है।
बीते 12 मार्च 2003 में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के तत्कालीन खाद्य निरीक्षक प्रेमचंद्र ने मरदह थाना क्षेत्र के कोड़री गांव स्थित शंकर साहू की दूकान पर खाद्य पदार्थों की जांच की थी। इस दौरान उन्होंने नमकीन के एक पैकेट को नमूने के रूप में लेकर जांच की। जिसे लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेज दिया था। प्रयोगशाला से 26 अप्रैल 2003 को आई रिर्पोट में नमकीन में स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के होने की पुष्टि हुई थी।
विभाग ने दूकानदार और नमकीन बनाने वाले फर्म संचालक के विरूद्घ कार्रवाई करते हुए 16 जून 2004 में न्यायालय में अभियोग दायर किया था। न्यायालय ने 27 फरवरी 2012 को दूकानदार शंकर साहू और फर्म संचालक लालजी गुप्ता को एक-एक वर्ष के कारावास के साथ दो-दो हजार रूपये का अंर्थ दंड की सजा सुनाई थी। इसके दोनों ने अपर सत्र न्यायाधीश के यहां सजा के खिलाफ अपील की थी। न्यायालय ने अपील को खारिज करते हुए दोनों की सजा बरकरार रखने का आदेश पारित किया।