गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों का तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन समाप्त हो गया है। वह अपनी मांगों को लेकर 12 अक्तूबर को लखनऊ के इको गार्डन में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन के लिए कूच करेंगे।
सीएमओ कार्यालय पर चला 3 दिवसीय शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार और धरना समाप्त हो गया है। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों से एनएचएम संविदा कर्मी 12 अक्तूबर को लखनऊ के इको गार्डन में एकत्र होंगे।
इसमें संविदा कर्मियों की मुख्य मांगें रखी जाएगी। कहा कि मांगों में सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। समान कार्य - समान वेतन लागू हो। ईपीएफ, एचआरए, महंगाई भत्ता , ग्रेच्युटी और 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए। सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देना और गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल की जाए।
नियमित पदों की भर्ती में एनएचएम कर्मियों के लिए कम से कम 15 प्रतिशत कोटा निर्धारित करना। आयुष चिकित्सक डॉक्टर कृतिका चौबे ने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संविदा कर्मियों ने आपातकालीन सेवाओं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पढ़ने की चेतावनी देते हुए इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन पर डालने की बात कही।
इस मौके पर डॉक्टर सूर्य प्रकाश राय, डॉक्टर तारिक अहमद, डॉक्टर कृतिका चौबे, डॉक्टर सूफिया बानो, डॉ विजय आनंद पांडेय, डॉ श्रेया त्रिपाठी, सुनील कुमा,र संदीप पांडेय, विशाल राय आदि मौजूद रहे। संवाद