फोरलेन के लिए अधिगृहीत भूमि के मुआवजे को लेकर परेशान किसानों के लिए अच्छी खबर हैै। उनके बकाये मुआवजा का भुगतान अब कैंप लगाकर किया जाएगा। इसके तहत 10 एवं 12 अप्रैल को जिले में दो स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे।
नेशनल हाई-वे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) गोरखपुर से वाराणसी तक फोरलेन का निर्माण करा रहा है। इसमें जिले के किसानों की भूमि भी ली हैै। जिसमें अब तक जिले के 2900 किसानों को 400 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। शेष 2100 किसानों के मुआवजे का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। विभागीय जानकारी के मुताबिक 1200 फाइलें अभी भी तहसील स्तर पर लंबित हैं।
मुआवजे के भुगतान में हो रही देरी को लेकर मंगलवार को लखनऊ में हुई अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री ने कैंप लगा कर एक पखवारे में मुआवजा वितरित कर देने का निर्देश दिया है। इस क्रम में जिले में कैंप लगाकर किसानों को मुआवजा बांटा जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सरायबंदी, सिकंदरपुर एवं राजापुर गांव का कैंप 10 एवं मटेहू गांव का कैंप 12 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इतना ही नहीं सैदपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों के किसानों को भी मुआवजे का भुगतान भी कैंप लगाकर किया जाएगा। अधिकारी इसकी तैयारी में अभी से जुट गए हैं। कैंप के जरिए मुआवजे का वितरण एडीएम की देख-रेख में होगा। कैंप में कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाएंगे इसकी सूची तैयार की जा रही है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि बहुत जल्द कैंप लगाकर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।
उधर प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय ने बताया कि किसानों को मुआवजा देने में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। किसानों को अब किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए अलग-अलग कैंप लगाए जाएंगे।