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जिले में जनसंख्या के अनुसार कम वैक्सीनेशन होने पर आयुक्त ने जताई नाराजगी

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गाजीपुर। कोविड-19 इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर आईसीसीसी की विकास भवन में रविवार को बैठक हुई। वाराणसी मंडल के आयुक्त दीपक अग्रवाल ने कोविड महामारी को देखते हुए प्रतिदिन होने वाले कोरोना टेस्ट (एनटीजन, आरटीपीसीआर) चिकित्सालयों में आक्सीजन की उपलब्धता, वैक्सीनेशन, कोविड-सेंटर, चिकित्सालय में बेड, मास्क, सेनेटाइजेशन, दवाओं की उपलब्धता, तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभा में गठित टीम द्वारा किए जा रहे वैक्सीनेशन एवं उसकी उपलब्धता की जानकारी ली। इसमें बताया गया कि जिले में 74 टीमों द्वारा बनाए गए कोविड-19 सेंटरों पर वैक्सीनेशन का कार्य चल रहा है जिसकी सूची मांगी गई और जांच में पाया गया कि जिले में जनसंख्या के अनुसार कम वैक्सीनेशन हुआ है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वैक्सीनेशन कराते हुए लोगों को प्रेरित करने का निर्देश दिया।
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उन्होंने कहा कि जिस ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा में लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति भ्रम फैला हुआ है। उस ग्राम के प्रधान, आशा एवं आंगनबाड़ी के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हुए 45 वर्ष से ऊपर की महिला एवं पुरुषों को वैक्सीनेशन का डोज लगाया जाए। उन्हें बताया जाए की कोविड महामारी से बचने के लिए यही सही है। उन्होंने अवगत कराया कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर आने वाली है जो सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करेगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में जितने सरकारी एवं प्राइवेट अस्पताल हैं उनके चिकित्सकों के साथ बैठक कर आने वाली महामारी से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर लिया जाए ताकि किसी भी परिवार को समस्याओं का सामना न करना पड़े।
जिले में सभी को मास्क का प्रयोग प्रत्येक दशा में कराना अनिवार्य रहेगा। बिना मास्क के पाए जाने पर सख्त से सख्त र्कावाई करने का निर्देश दिया। ग्रामीण स्तर पर जिला पंचायत राज अधिकारी एवं शहरी क्षेत्रों में ईओ नगर पालिका द्वारा प्रति दिन साफ-सफाई एवं सेनेटाइजेशन का कार्य लगातार किया जाए। कोविड कमांड एंड
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कंट्रोल सेंटर से होम आइसोलेशन के मरीजों का हालचाल लेते रहे तथा उन्हें मेडिकल किट भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिले में अन्त्येष्टि स्थलों पर कमजोर एवं असहाय व्यक्तियों को 5000 हजार की आर्थिक सहायता दिया जाए। इसलिए अन्त्येष्टि स्थलों पर टीम लगाने का निर्देश दिया। हिदायत दिया कि गंगा नदी में किसी के द्वारा शव प्रवाहित नहीं किया जाएगा। इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में जिलाधिकारी एमपी सिंह, पुलिस अधीक्षक डा. ओमप्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. जीसी मौर्य,
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अपर जिलाधिकारी वि.रा. राजेश सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पवन कुमार मीणा, प्रशिक्षु पीसीएस प्रतिभा मिश्रा, टीम-9 के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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